द फॉलोअप डेस्क
घाघरा प्रखंड अंतर्गत नवडीहा पंचायत के ग्रामीणों ने रविवार को जर्जर सड़क और बदहाल व्यवस्था के खिलाफ नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इस आंदोलन के चलते घाघरा-लोहरदगा मुख्य पथ पर दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और सैकड़ों वाहन बीच रास्ते में फंसे रहे।
ग्रामीणों का आरोप था कि पंचायत की सड़क कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चों और महिलाओं को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में विकास कार्य पूरी तरह ठप है। यहां तक कि बेटियों की शादी के लिए भी कोई तैयार नहीं होता। प्रसव पीड़िता महिलाओं को बहंगी में उठाकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है, जहां से उन्हें एंबुलेंस या अन्य वाहन से अस्पताल ले जाया जाता है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक सड़क की मरम्मत और विकास कार्य शुरू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जाम की सूचना पर अंचल अधिकारी खाखा सुशील कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी दिनेश कुमार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता की और जल्द समाधान का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया और आवागमन सामान्य हुआ। इस जाम की वजह से कई यात्री अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच सके। कई लोगों की ट्रेन और फ्लाइट भी छूट गई। हाईवे पर घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जाम के दौरान झारखंड उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश नेतरहाट जाने वाले थे। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने उनका मार्ग बदल दिया और गमहरिया से नवडीहा होते हुए सुरक्षित निकासी करवाई। इस कारण उनका काफिला जाम में फंसने से बच गया, लेकिन इस व्यवस्था में प्रशासनिक अमले को भारी मशक्कत करनी पड़ी। जब तक काफिला सुरक्षित पार नहीं कर गया, प्रशासन में तनाव का माहौल बना रहा।
