पाकुड़:
Pakur News: ग्राम प्रधान की कथित मनमानी के खिलाफ महेशपुर प्रखंड (Maheshpur Block) के कंगलापाड़ी स्थित विराम गांव के ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। प्रधान अमीन बस्की उर्फ बबलू बस्की को पद से हटाने और अपनी जमीन की सुरक्षा की मांग को लेकर ग्रामीण डीसी कार्यालय (Pakur DC Office) पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रधान पर गोचर जमीन और सड़क किनारे के पेड़ों को बेचने, जमीन के मामलों में मनमानी करने, पैसे वसूलने तथा लोगों को डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान जमीन से जुड़े मामलों में अपने स्तर से फैसले करता है। खास जमीन के बंदोबस्त और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के नाम पर भी पैसे मांगने की बात कही गई है।

ग्राम प्रधान पर गोचर जमीन बेचने का आरोप
कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनसे 50 प्रतिशत तक रकम देने की शर्त रखी जाती है। ग्रामीणों का दावा है कि गांव की 2-3 बीघा गोचर जमीन की मिट्टी तक बेच दी गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रधान पर नशे की हालत में रहने, महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और सामाजिक कार्यों में सहयोग के बदले पैसे मांगने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रधान की कथित कार्यशैली से गांव में सामाजिक कामकाज प्रभावित हो रहा है और गरीब परिवार अपनी पैतृक व निजी जमीन को लेकर चिंतित हैं।

जमीन विवाद और प्रताड़ना पर थाने में शिकायत
ग्रामीणों के मुताबिक, जमीन विवाद और कथित प्रताड़ना को लेकर थाने में भी शिकायत दी गई है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनकी नाराजगी बढ़ गई है। इसी के बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। डीसी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। उनके अनुसार, डीसी ने बताया कि फिलहाल कोर्ट बंद है और अगली तारीख पर आने को कहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जमीन से जुड़े आरोपों की पड़ताल करने और ग्राम प्रधान को पद से हटाने की मांग की है। अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।