द फॉलोअप डेस्क
लातेहार जिले के पलामू टाइगर रिजर्व अंतर्गत बारेसांढ़ वन क्षेत्र से एक जंगली हाथी की मौत की दुखद खबर सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।.jpeg)
वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि बारेसांढ़ रेंज के बीसी 9 स्थित घने जंगल में एक जंगली हाथी का शव पड़ा है। शव की स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि हाथी की मौत करीब एक-दो दिन पहले ही हो चुकी थी। सूचना पाकर रेंजर नंद कुमार महतो अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और क्षेत्र का मुआयना किया।
मृत हाथी की पहचान एक ऐसे प्रजाति के रूप में हुई है जिसके दांत नहीं होते हैं। प्रारंभिक जांच के आधार पर वन अधिकारियों का मानना है कि यह या तो एक सामान्य मौत है या फिर किसी दुर्घटना का परिणाम। हालांकि, विभाग ने किसी भी अन्य संभावना से इनकार नहीं किया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।.jpeg)
हाथी के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए विशेषज्ञों की एक मेडिकल टीम को विशेष रूप से जंगल में बुलाया गया है। डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।.jpeg)
यह घटना पलामू टाइगर रिजर्व के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि झारखंड में हाथियों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। हाल के आंकड़ों ने वन्यजीव प्रेमियों को चौंका दिया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2017 में झारखंड में हाथियों की संख्या 600 से अधिक थी, जो अब बेहद कम रह गई है।.jpeg)
ताजा आंकड़ों (वर्ष 2025) के मुताबिक, पूरे राज्य में अब मात्र 217 हाथी ही बचे हैं, जिनमें से लगभग 130 हाथी पलामू प्रमंडल और पीटीआर क्षेत्र में बताए जाते हैं। ऐसे में एक और हाथी की मौत वन विभाग के संरक्षण प्रयासों और वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।