गिरीडीह:
गिरीडीह के बगोदर थाने से प्रशासन की गैरजिम्मेदारी का नमूना सामने आया है। यहां दो डिसमिल गैरमजरूआ भूमि पर घर बने होने पर एसडीएम के आदेश पर उतने हिस्से को तोड़ा जा रहा था। इसी दौरान JCB के झटके से पूरा मकान ढह (The whole house collapsed due to JCB shock) गया। घर में रखों लाखों की संपत्ति मलबे में दब गई। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों ने CO, CI और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।

सीआई को बर्खास्त करने की मांग
मामला बगोदर थानाक्षेत्र के बोके गांव की है। ग्रामीणों के हल्ला- हंगामा के बाद एसआई संजीत मिश्रा ने समझा बुझाकर शांत कराया। ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी को घेर लिया था। एएसआई में उसे भी छुड़वा कर बगोदर की ओर भेज दिया। मुखिया मनोज खातून ने प्रशासन की इस कार्रवाई से आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम से प्रभावित होने की बात कही है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि घर ढहाने का काम उस समय हुआ जब बगल में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम आयोजित हो रहा था। इस कार्यक्रम में पहुंचे एसडीएम कुंदन कुमार को भी ग्रामीणों के मामले के बारे में बताया तभा उनसे इंसाफ की गुहार लगाई। ग्रामीणों द्वारा सीआई को बर्खास्त करने की मांग की गई है।
पूरा घर एक एक साथ बना होने के कारण गिरा
घटनास्थल पर मौजूद CI प्रमोद पासवान ने बताया कि गए घर के पीछे राजू साव का जमीन है। राजू साव और तुलसी साव के बीच रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। मामला एसडीएम तक पहुंच गया। ऐसे में राजू साव के जमीन के आगे 2 डिसमिल गैरमजरूआ जमीन पर घर बना हुआ था। उसे ही ढहाया जा रहा था लेकिन पूरा घर एक एक साथ बना होने के कारण पूरा घर गिर गया। उन्होंने बताया कि तुलसी साव और राजू साव के परिजनों को सरकार की तरफ से अतिक्रमण हटाने का नोटिस पहले भी जा चुका है। उस मकान में गीता देवी पति रितलाल साव अपनी सास और बच्चों के साथ रहती थी।

मुझे कोई नोटिस नहीं आया
गीता देवी का कहना है कि उन्हें सरकार की ओर से कोई नोटिस नहीं आया है। घर गिरने से हम बेघर हो गए है और लाखों की संपत्ति दब गई है। मेरे पति यहां नहीं रहते है। वो दुबई में काम करते हैं। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को प्रशासन के अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है।