सरायकेला/चांडिल
खनन विभाग की हालिया कार्रवाई के बाद चांडिल प्रखंड में दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा है। इसी आक्रोश का विस्फोट गुरुवार को तब देखने को मिला, जब चिलगु और आसनबनी पंचायत के दर्जनों गांवों से जुटे मजदूर शहरबेड़ा निवासी विजय तंतूबाई के घर पहुंच गए और घेराव कर प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विजय तंतूबाई द्वारा की गई शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने पत्थर खदानों व क्रशरों पर कार्रवाई तेज की, जिससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। मजदूरों का कहना था कि खदान बंद होने से उनके घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है।

स्थिति की सूचना मिलते ही चांडिल पुलिस मौके पर पहुंची और समझा बुझाकर भीड़ को शांत कराया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी अप्रिय घटना को टाल दिया। पत्थर खदानों और क्रशरों पर निर्भर मजदूरों ने जिला प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए रोजगार की व्यवस्था कराने की मांग की है। घेराव करने पहुंचे मजदूरों का कहना है कि यदि समाधान नहीं निकला तो वे फिर से आंदोलन करते हुए विजय तंतूबाई का घर घेरने और सड़क पर उतरने का काम करेंगे। इधर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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