द फॉलोअप डेस्क
जैन धर्म के विश्वविख्यात तीर्थस्थल सम्मेद शिखरजी के गुणायतन परिसर में शुक्रवार को विश्व–मैत्री महोत्सव का आयोजन किया गया। महावीरायतन फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में देश–विदेश से हज़ारों श्रद्धालुओं, साधु–संतों, समाजसेवियों और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान तथा विशिष्ट अतिथि केंद्रीय मंत्री संजय सेठ उपस्थित रहे। राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने अपने भाषण में सनातन धर्म के विषय में कई महत्वपूर्ण बातें साझा की। इस आयोजन की प्रेरणा और मार्गदर्शन श्रद्धेय देवेंद्र ब्रह्मचारी ने दिया। आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद और मुनि संघ–आर्यिका संघ के सान्निध्य ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।
महोत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज में मैत्री, करुणा, अहिंसा और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना था। कार्यक्रम में आयोजित विचार–गोष्ठियों, प्रवचनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानवता का वास्तविक पथ शांति, सद्भाव और सहयोग में निहित है।
भगवान महावीर के सार्वभौमिक संदेश “सव्वे भवन्तु सुखिणो, सव्वे सन्तु निरामया” को आधार बनाकर इस महोत्सव ने विश्व बंधुत्व और सह–अस्तित्व की भावना को बल प्रदान किया। श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे जीवन में सदैव अहिंसा, प्रेम और मैत्री को अपनाएंगे तथा समाज में शांति व भाईचारे का वातावरण बनाएंगे।
इस अवसर पर झारखंड के रांची, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, कोडरमा, सरिया, धनबाद सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। झारखंड के मीडिया हेड विजय जैन लुहाड़िया ने बताया कि यह आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक रहा और गुणायतन परिसर को आध्यात्मिक व सांस्कृतिक चेतना का जीवंत केंद्र बना गया।
.jpeg)