द फॉलोअप डेस्क
बढ़ती जनसंख्या औऱ उसकी जरूरतों को पूरा करना विश्व के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। दुनिया में भारत की जनसंख्या बाकि अन्य देशों के मुकाबले सबसे अधिक है। भारत की जनसंख्या लगातार वर्ष 2061 तक बढ़ने का अनुमान है। लेकिन विशेषज्ञ बता रहे हैं कि उसके बाद गिरावट देखने को मिलेगी। एक तरफ जनसंख्या की घटती दर चिंता का विषय है तो दूसरी ओर बढ़ती जनसंख्या सरकारों के लिए चिंता का कारण है। दुनिया के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश भारत, चीन और अमेरिका में आने वाले समय में बुजुर्गों की संख्या में इजाफा होगा। दुनिया की मध्य आयु वर्ग 1950 में 22 साल थी आज करीब 31 साल है और वर्ष 2100 तक यह बढ़कर 42 हो जाएगा। 2100 तक 65 और उससे ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या बढ़कर करीब 2.4 अरब होगी। आज ये संख्या करीब 85.7 करोड़ है। यानि बुजुर्गों की आबादी दोगुणी से ज्यादा हो जाएगी।
वहीं झारखंड की बात करें तो रांची और जमशेदपुर में सबसे तेजी से आबादी बढ़ी है। लोहरदगा और खूंटी जिले में सबसे कम। झारखंड की आबादी अब लगभग 4 करोड़ 6 लाख 6 हजार 924 होने का अनुमान है। रांची जिले में पीछले 14 वर्षों में 6 लाख 60 हजार 947 लोग बढ़े हैं। दूसरे सथान पर धनबाद है, यहां 6 लाख 9 हजार 956 लोग बढ़े हैं। वहीं जमशेदपुर में 5 लाख 64 हजार 633 लोग बढ़े हैं। झारखंड में जनसंख्या वृद्धि पर सरकारी उपायों का असर देखने को मिल रहा है। राज्य में जनसंख्या पहले के मुकाबले धीमी गति से बढ़ रही है। झारखंड में 25 वर्षों में प्रजन्न दर 3.8 से घटकर 2.3 हो गयी है। राज्य में 1998 से 1999 तक प्रजन्न दर 3.8 थी जो अब 2.3 रह गयी है।
वर्ष 2011 की जनसंख्या रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में जनजाति समूहों की कुल आबादी 86 लाख 45 हजार 42 थी। लेकिन इन आदिवासी समूहों में 8 आदिम जनजातियों की जनसंख्या वृद्धि दर बाकि आदिवासी समूदाय की तुलना में चिंताजनक रूप से कम है। इसमें असूर, बिरहोर, बिरिजिया, कोरवा, मालपहाडिया, पारहैया, सौरिया पहाड़िया और सबर आदिम जनजाति के समूह हैं। बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए जहां औप्रकृतिक रूप से आनाजों का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है, जिसके कई बुरे प्रभाव भी देखने को मिल रहे हैं। वहीं खेतों की संख्या सिमटति जा रही है। शहरी आबादी तेजी से बढ़ रही है। ये सभी आकड़े सरकार के लिए ना सिर्फ चिंता का विषय है बल्कि भविष्य के लिए दानव रूपी संकट के भी तौर पर दिखाई दे रहे हैं।
