द फॉलोअप डेस्क
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आज 4 नये लोगों को राज्यसभा सदस्य के लिए मनोनीत किया गया है। इनमें वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम समेत देश के कुल 4 जाने माने लोगों को शामिल किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन लोगों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग कर मनोनीत किया है। इस लिस्ट में पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन और केरल के सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंदन मास्टर शामिल को शामिल किया गया है। 
बता दें कि अनुच्छेद 80(1) के खंड (3) राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि वे उन लोगों को राज्यसभा में शामिल करें जो साहित्य, विज्ञानं कला या समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष अनुभव और ज्ञान रखते हों। इस अनुच्छेद के तहत राज्यसभा में कुल 250 सदस्य हो सकते हैं। जिनमें 238 सदस्य राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों से चुने जाते है बाकी 12 सदस्यों को राष्ट्रपति के द्वारा मनोनीत किया जाता है। यह नामांकन पूर्व में नामित किये गये सदस्यों की सेवानिवृत्ति के कारण रिक्त हुई पदों को ध्यान में रखकर किया गया है। 
ये हैं 4 सदस्य
जानकारी के लिए बता दें कि उज्जवल निकम अपराधिक मामलों में सबसे चर्चित विशेष सरकारी वकील रह चुके हैं। उन्हें सबसे अधिक पहचान 26/11 आतंकी हमले के केस में सरकार का पक्ष बड़े ही प्रभावी तरीके से रखने के बाद मिली। वहीं कई अन्य मामलों में विशेष सरकारी वकील के तौर पर काम कर चुके हैं।
हर्षवर्धन श्रृंगला 1984 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं। और वे 2020 से अप्रैल 2022 तक भारत के विदेश सचिव के पद पर भी कार्य किया है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
डॉ. मीनाक्षी जैन एक इतिहासकार हैं और इन्होंने इतिहास में कई महत्वपूर्ण शोध किये हैं। साथ ही इतिहास में कई पुस्तकें भी लिखी हैं।
सी. सदानंदन मास्टर केरल के एक सामाजिक कार्यकर्त्ता हैं जिन्होंने कई सामाजिक कार्य किये हैं। साथ ही इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बेहतर कार्य किये हैं। और इसी को ध्यान में रखते हुए इन्हें राज्यसभा सदस्य के लिए मनोनीत किया गया है।