द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री (Chief Minister) हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने गुरुवार को कहा कि असम की 'निजुत मोइना' और 'निजुत बाबू' योजनाओं में छात्रों के नामांकन (Enrollment) में वृद्धि खुशी की बात है। उन्होंने अगले साल से लड़कियों की शिक्षा (Girls' Education) से जुड़ी इस पहल को चार और विश्वविद्यालयों (Universities) तथा नर्सिंग पाठ्यक्रमों (Nursing Courses) तक विस्तारित (Expand) करने का प्रस्ताव रखा। गुवाहाटी के ज्योति-बिष्णु इंटरनेशनल आर्ट सेंटर में इन दोनों योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता वितरण (Financial Assistance Distribution) कार्यक्रम के दौरान सरमा ने कहा, "आमतौर पर जब लाभार्थियों (Beneficiaries) की संख्या बढ़ती है, तो सरकार को चिंता होती है क्योंकि इससे खर्च बढ़ जाता है। लेकिन इन योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या बढ़ने पर हमें खुशी है कि यह योजना सफल (Successful) रही है।"

योजना की राशि दो किस्तों के जारी करने की घोषणा
योजना की राशि दो किस्तों के जारी होने की घोषणा करते हुए सरमा ने बताया कि छात्रों को अक्टूबर महीने की राशि गुरुवार को मिल जाएगी, जबकि सितंबर महीने की किस्त दुर्गा पूजा के बाद उनके पास पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस साल कुल 4,39,598 छात्र 'निजुत मोइना' और 'निजुत बाबू' योजनाओं का लाभ उठाएंगे, जो इन योजनाओं के बढ़ते दायरे को दर्शाता है। इनमें से 2,36,292 कॉलेज के छात्र हैं, 1,14,999 पॉलिटेक्निक संस्थानों में नामांकित हैं, 456 छात्र SCERT B.Ed कार्यक्रमों के तहत पढ़ाई कर रहे हैं, और 1,07,876 उच्च माध्यमिक (हायर सेकेंडरी) स्तर के छात्र हैं।

लाभार्थियों की संख्या में भी भारी वृद्धि
'निजुत बाबू' योजना, जिसके तहत पुरुष छात्रों को भी इसी तरह की वित्तीय सहायता दी जाती है, के लाभार्थियों की संख्या में भी भारी वृद्धि देखी गई है। सरमा ने बताया कि पिछले साल यह संख्या 49,000 थी, जो इस साल बढ़कर 1,02,501 हो गई है। सरमा ने आगे कहा कि सरकार 'निजुत मोइना' योजना का लाभ औनियाती विश्वविद्यालय, श्रीमंत शंकरदेव विश्वविद्यालय, प्रागज्योतिष विश्वविद्यालय और कृष्णगुरु आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के छात्रों तक पहुंचाने पर विचार कर रही है।
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