द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने मंगलवार को उपभोक्ताओं (Consumers) को भरोसा दिलाया कि बिजली दरों (Electricity Tariffs) में की गई अस्थायी बढ़ोतरी (Temporary Hike) को वापस ले लिया जाएगा (Withdrawn)। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (Assam Power Distribution Company Limited-APDCL) अपने नुकसान (Losses) की भरपाई (Recovery) कर लेगी, यह बढ़ोतरी हटा दी जाएगी। उन्होंने इन चिंताओं (Concerns) को भी खारिज कर दिया कि यह बदलाव एक स्थायी बोझ (Permanent Burden) बन जाएगा। वाजपेयी भवन (Vajpayee Bhawan) में पत्रकारों (Journalists) से बात करते हुए, सरमा ने कहा कि असम विद्युत नियामक आयोग (Assam Electricity Regulatory Commission-AERC) की मंजूरी (Approval) के बाद इस महीने से लागू हुई यह बढ़ोतरी केवल पांच महीने (Five Months) तक रहेगी।

जल्द नुकसान की भरपाई कर लेंगे
उन्होंने कहा, "जब हम नुकसान की भरपाई कर लेंगे, तो इसे वापस ले लिया जाएगा। जिस तरह से इसे एक बहुत बड़ी बढ़ोतरी के रूप में पेश किया जा रहा है, वैसा बिल्कुल नहीं है। मैं कह रहा हूं कि यह पांच पैसे प्रति यूनिट से ज्यादा नहीं होगी।" इस बदलाव के पीछे का कारण बताते हुए, सरमा ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बिजली खरीदने की लागत बढ़ गई है।

अधिक दरों पर बिजली खरीदनी पड़ती है
उन्होंने कहा, "जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो हमें अधिक दरों पर बिजली खरीदनी पड़ती है। पश्चिम एशिया में उथल-पुथल के कारण तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। कल तक, यह 115 डॉलर प्रति बैरल थी।" उन्होंने आगे कहा कि जब बिजली खरीदने की लागत बढ़ जाती है, तो बिजली मुफ्त में नहीं दी जा सकती। सरमा ने जोर देकर कहा कि यह बदलाव एक अस्थायी कदम है, न कि कोई स्थायी वार्षिक टैरिफ बढ़ोतरी।
