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असम : 'स्वनिर्भर नारी' योजना बनी महिला बुनकरों की ताकत, पहले चरण में 5 लाख ने कराया पंजीकरण

 'स्वनिर्भर नारी' योजना बनी महिला बुनकरों की ताकत, पहले चरण में 5 लाख ने कराया पंजीकरण

द फॉलोअप डेस्क 

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) ने आज कहा कि असम में महिला बुनकरों (women weavers) के लिए 'स्वनिर्भर नारी' योजना (Swanirbhar Naari Scheme) बनी है, जिसमें पहले चरण (first phase) में ही लगभग 5 लाख महिलाओं ने पंजीकरण (registration) कराया है। सीएम ने कहा, असम की सुंदरता और गरिमा का सबसे शुद्ध रूप हमारे घरों में मौजूद करघे (looms) में दिखाई देता है। महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) ने कहा था कि असम की हर महिला जन्मजात बुनकर (natural weaver) होती है। 'स्वनिर्भर नारी' योजना के माध्यम से राज्य सरकार (state government) हमारी स्थानीय महिला बुनकरों (local women weavers) से सीधे 'गमोसा' (Gamosa) और अन्य पारंपरिक हाथ से बुने हुए उत्पाद (traditional handwoven products) खरीदती है। इसमें कोई बिचौलिया (middleman) नहीं होता और भुगतान (payment) सीधे उनके बैंक खातों (bank accounts) में पहुंचता है। केवल पहले चरण में ही 5 लाख से अधिक बुनकरों ने पंजीकरण (registration) कराया।

योजना एक साथ दो चीजों की रक्षा करती है

सरमा ने कहा, यह योजना एक साथ दो चीजों की रक्षा करती है: हमारे बुनकरों की आजीविका और वह विरासत, जो उनके द्वारा बुने गए हर धागे में समाहित है। यह सुनिश्चित करती है कि एक महिला अपने करघे पर जो समय बिताती है, उसके बदले उसे उचित पारिश्रमिक और वह सम्मान मिले, जिसकी वह हकदार है। इस अष्टमी पर, जब हम माँ को नए वस्त्र अर्पित करते हैं, तो आइए हम यह संकल्प भी लें कि हम अपने बुनकरों से ही खरीदारी करेंगे और अपनी माताओं द्वारा बनाई गई वस्तुओं का ही उपयोग करेंगे। माँ महागौरी असम के हर करघे को समृद्धि का आशीर्वाद दें। सरमा ने कहा, महाअष्टमी के अवसर पर, हम माँ महागौरी की पूजा करते हैं, जो अत्यंत तेजस्वी और शांत हैं, और जिन्होंने शुद्ध श्वेत वस्त्र धारण किए हैं। वे पवित्रता, सौम्यता और शांति की देवी हैं, जिनकी कृपा से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।


 

Tags - Assam Weavers Women Scheme Himanta