द फॉलोअप डेस्क
नये श्रम कानून के तहत आज गुरूवार को भारत में बंदी बुलाया गया है। दरअसल, यह बंदी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा नए श्रम कानूनों के विरोध में हो रहा है। मजदूरों और किसान संगठनों का कहना है कि नये श्रम कानून, उनके हित में नहीं लाया गया है। बताते चलें कि, बंदी का असर झारखंड में भी देखने को मिलेगा। जिसके तहत राज्य में, कोयला, स्टील और बैंकिंग क्षेत्र में भी व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, लगभग हजारों की संख्या में मजदूर आज रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर नये श्रम कानून के विरोध में जमा होंगे। वहीं, अंदेशा लगाया जा रहा है कि, इसका सबसे ज्यादा प्रभाव कोयला कंपनियों पर पड़ेगा। राज्य में CCL,BCCL,SAIL,TATA वर्कर्स पर भी व्यापक असर पड़ेगा। वहीं, बंदी को सफल बनाने के लिए मजदूर संगठनों ने पूरी तैयारी भी कर ली है।

बहरहाल, झारखंड में नगर निकाय का चुनाव 23 फरवरी को होना है, जिसके कारण राज्य के बिजली कर्मी इस हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। बताते चलें कि, इसकी जानकारी ऑल इंडिया पावर इंजिनियर्स फेडरेशन के अपर महासचिव संजय कुमार सिंह ने दिया है। उन्होंने कहा कि, राज्य में आचार संहिता लागू है और बिजली एक जरूरी सेवा है। इसलिए झारखंड में ऊर्जा विकास निगम,वितरण निगम,उत्पादन निगम और संचरण निगम के कर्मी हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, उनका नैतिक रूप से समर्थन रहेगा। वहीं, ऑल इंडिया पावर इंजिनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने कहा कि देश के लगभग 27 लाख बिजली कर्मी और अभियंता आज एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे।
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गौरतलब है कि, इससे सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्रों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति से कामकाज प्रभावित हो सकता है। कई उद्योग, फैक्ट्रियाँ, मॉल और व्यवसाय बंद या कम संचालन के साथ सामने आ सकते हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर बाजार, खुदरा दुकानें और स्थानीय व्यापार बंद रहने की भी संभावना है। बहरहाल, इस एक दिवसीय हड़ताल के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष टीमों और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।