धनबाद:
Dhanbad News: धनबाद के टुंडी स्थित मनियाडीह में पुलिस मुठभेड़ (Police Encounter) के दौरान घायल हुए शंकर डे को लेकर पूछताछ (Interrogation) में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, शंकर डे बंगाल में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी (Planning) कर रहा था। इसके लिए वह धनबाद में अपना आपराधिक नेटवर्क (Criminal Network) मजबूत करने और अलग-अलग इलाकों के अपराधियों को जोड़कर गिरोह (Gang) तैयार करने में जुटा था। पुलिस का दावा है कि शंकर का नाम धनबाद के अलावा बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश की कई आपराधिक घटनाओं (Criminal Cases) में सामने आया है। लंबे समय से फरार चल रहे शंकर की गिरफ्तारी (Arrest) को धनबाद पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, आपराधिक नेटवर्क और संभावित वारदातों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

बिंदू सिंह गिरोह का शार्प शूटर बताया जा रहा शंकर डे
पुलिस के अनुसार, दुर्गापुर के कृष्णपल्ली निवासी शंकर डे बिहार के गैंगस्टर बिंदू सिंह के गिरोह का शार्प शूटर है। धनबाद में हुई कई आपराधिक घटनाओं में उसका नाम सामने आया था, लेकिन इसके बावजूद वह लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक मामलों की जांच कर रही है और दूसरे राज्यों में उसके कथित संपर्कों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि शंकर से पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ करने की तैयारी में है।
बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड समेत कई मामलों में आया नाम
शंकर डे पर धनबाद के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में आपराधिक वारदातों में शामिल होने का आरोप है। धनबाद में बिहारी लाल चौधरी की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। इसके अलावा आटा चक्की के कर्मचारी उमेश यादव की छिनतई के दौरान हत्या, कृषि बाजार में छिनतई और टुंडी में ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) में लूट जैसी घटनाओं में भी उसकी कथित संलिप्तता बताई जा रही है। पुलिस पूछताछ के दौरान शंकर ने बनारस में सुपारी लेकर हत्या करने की बात भी स्वीकार की है। हालांकि, इन सभी मामलों में उसकी भूमिका की पुष्टि के लिए पुलिस संबंधित घटनाओं की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है।
लूट के पैसों के विवाद में राम प्रताप प्रसाद की हत्या
पूछताछ में गोंदूडीह निवासी राम प्रताप प्रसाद की हत्या से जुड़ा मामला भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, राम प्रताप घर से यह कहकर निकला था कि वह दुर्गापुर में अपने रिश्तेदार के यहां जा रहा है। हालांकि, उसके मोबाइल फोन पर आखिरी कॉल शंकर डे का आया था। इसी आधार पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार, शंकर ने पूछताछ में बताया कि लूट के पैसों को लेकर राम प्रताप के साथ उसका विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बाद उसने राम प्रताप को शराब पिलाने के बहाने बुलाया। दोनों ने साथ में शराब पी, जिसके बाद शंकर उसे मनियाडीह के जंगल में ले गया। आरोप है कि जंगल में शंकर ने राम प्रताप को गोली मार दी और शव को वहां फेंक दिया, ताकि उसकी पहचान नहीं हो सके। शुरुआत में मनियाडीह पुलिस मृतक की पहचान नहीं कर पाई थी। बाद में मोबाइल फोन पर आए अंतिम कॉल की जानकारी के आधार पर गोंदूडीह पुलिस शंकर तक पहुंची।
हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली
राम प्रताप प्रसाद की हत्या के मामले में फरार चल रहे शंकर डे उर्फ पिंकू डे को पुलिस ने मैथन के पास से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद हथियार बरामदगी के दौरान टुंडी के मनियाडीह इलाके में पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें शंकर के पैर में गोली लगी। घायल शंकर को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब पुलिस उससे जुड़े अन्य आपराधिक मामलों की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह बंगाल में किस वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था और धनबाद में उसके गिरोह से जुड़े अन्य अपराधी कौन-कौन हैं।