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भारत को ग्लोबल सप्लाई में बड़ा खिलाड़ी बनाने की टाटा की तैयारी, असम में बन रहा सेमीकंडक्टर प्लांट 

भारत को ग्लोबल सप्लाई में बड़ा खिलाड़ी बनाने की टाटा की तैयारी, असम में बन रहा सेमीकंडक्टर प्लांट 

नई दिल्ली

टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कहा कि भारत ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन (Global Semiconductor Supply Chain) में एक अहम खिलाड़ी (Key Player) बनने की अच्छी स्थिति में है। इसके पीछे भारत का टैलेंट पूल (Talent Pool), बड़ा घरेलू बाज़ार (Domestic Market) और संभावित इंटरनेशनल पार्टनरशिप (International Partnership) जैसे कारण हैं। बता दें कि टाटा सेमीकंडक्टर (Tata Semiconductor) का एक प्लांट असम में लगा रहा है, जिसमें ट्रायल शुरू हो चुकी है। नई दिल्ली में एक सालाना फ़ोरम (Annual Forum) में बोलते हुए, चंद्रशेखरन ने कहा कि सेमीकंडक्टर (Semiconductor) भारत के भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी होंगे। टाटा ग्रुप (Tata Group) घरेलू मांग को पूरा करने और ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम (Global Electronics Ecosystem) में देश की स्थिति को मज़बूत करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं (Manufacturing Capabilities) में निवेश कर रहा है।

कहा- हमारे पास टैलेंट है 
उन्होंने कहा, " हम भारत में एक बहुत अच्छी स्थिति में हैं, क्योंकि हमारे पास टैलेंट है, हमारे पास घरेलू बाज़ार है, और हम हर ग्लोबल सप्लाई चेन में भूमिका निभा सकते हैं।" चंद्रशेखरन ने कहा कि भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने और मैन्युफैक्चरिंग के लिए ज़रूरी टेक्नोलॉजी हासिल करने के लिए ग्लोबल कंपनियों के साथ पार्टनरशिप ज़रूरी होगी। उन्होंने इस सेक्टर की ग्रोथ तय करने में ऊर्जा की उपलब्धता को भी एक अहम कारक बताया।


पार्टनरशिप की ज़रूरत पर फोकस 
उन्होंने कहा, "हमें पार्टनरशिप की ज़रूरत है, क्योंकि हमारे पास सभी टेक्नोलॉजी हैं... लेकिन अगर आप इसे डिज़ाइन करते हैं, तो हम निश्चित रूप से वहां तक पहुँच जाएँगे। लेकिन आपको सावधान भी रहना होगा, क्योंकि आपको ऊर्जा पर नज़र रखनी होगी।" टाटा ग्रुप असम में लगभग 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा विकसित कर रहा है। यह घरेलू चिप-मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएँ बनाने की उसकी कोशिश का एक बड़ा हिस्सा है।

Tags - Semiconductor India Tata Technology Investment