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भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) उदय उमेश ललित (UU Lalit) ने केंद्र सरकार के लिखे पत्र का जवाब दें दिया है। यू यू ललित ने केंद्र से अपने उत्तराधिकारी के तौर पर न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ (Justice DY Chandrachud) के नाम की सिफारिश मंगलवार को की है। आपको बता दें जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश (50th Chief Justice of India) होंगे जिसकी चर्चा पहले से ही मीडिया में थी। बता दें कि न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित आठ नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनका कार्यकाल 74 दिन का ही है।

केवल 74 दिनों तक सेवा देंगे CJI यू यू ललित
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ वर्तमान सीजेआइ ललित के बाद सबसे वरिष्ठ हैं, इसलिए ऐसे कयास पहले से ही लगाये जाने लगे थे कि उनके नाम की सिफारिश ही की जा सकती है। यहां चर्चा कर दें कि सीजेआइ ललित का कार्यकाल 8 नवंबर 2022 को समाप्त हो जाएगा। वे केवल 74 दिनों तक इस पद पर अपनी सेवा देंगे। पूर्व सीजेआइ एनवी रमणा का कार्यकाल पूरा होने के बाद जस्टिस ललित 26 अगस्त 2022 को देश के 49वें प्रधान न्यायाधीश नियुक्त करने का काम किया गया था। जस्टिस ललित का कार्यकाल मात्र ढाई महीने का है। वहीं इससे पूर्व प्रधान न्यायाधीशों के औसत कार्यकाल की बात करें तो ये करीब 1.5 साल का रहा है।
दो साल का होगा न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ कार्यकाल
बता दें कि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ अगले सीजेआई होने जा रहे हैं। उनका कार्यकाल दो साल का होगा। वह 10 नवंबर 2024 को सेवानिवृत्त होंगे। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु में और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं।

जानें! कौन करता है चीफ जस्टिस की नियुक्ति
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया व सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों की नियुक्ति राष्ट्र्पति करते हैं। संविधान के अनुच्छेद 124 के उपबंध (2) में इसकी व्यवस्था है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्र्पति को 'जरूरी लगे तो' वे सुप्रीम कोर्ट के जजों से 'चर्चा के बाद' सीजेआई की नियुक्ति करते हैं। सीजेआई का कार्यकाल 65 वर्ष की आयु तक रहता है।