नई दिल्ली
मणिपुर में पिछले साल फरवरी से लागू राष्ट्रपति शासन को हटा लिया गया है। गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर राज्य में तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन समाप्त करने की घोषणा की है। इसके साथ ही मणिपुर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
राष्ट्रपति शासन हटने के बाद एनडीए नेताओं ने राज्य में नई सरकार गठन का दावा पेश किया है। बुधवार को एनडीए नेता वाई. खेमचंद सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा सौंपा। भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी ने इसकी पुष्टि की है।
राजभवन में हुई इस मुलाकात के दौरान भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरजॉल जैसे कुकी बहुल इलाकों के दो विधायक भी शामिल थे, जिसे राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि मणिपुर में लंबे समय तक चली हिंसा और अस्थिर हालात के चलते 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। उस दौरान हालात बिगड़ने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
अब राष्ट्रपति शासन हटने और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने से राज्य में शांति बहाली की उम्मीद जगी है। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है और नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना होगा।
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