द फॉलोअप डेस्क
हिमाचल प्रदेश में मानसून की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार बारिश के कारण सोमवार 30 जून को कई जगहों पर भूस्खलन, सड़कें धंसने और इमारतें गिरने की घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में अब तक 23 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। पूरे राज्य में सैकड़ों सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, प्रदेश में कुल 259 सड़कें बंद हैं, जिनमें से मंडी जिले में 129 और सिरमौर में 92 रास्ते शामिल हैं. इसके अलावा, 614 ट्रांसफॉर्मर और 130 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं। शिमला के भट्टा कुफर इलाके में सोमवार सुबह एक पांच मंजिला इमारत कुछ ही सेकंड में भरभरा कर गिर गई, हालांकि गनीमत रही कि जिला प्रशासन ने पहले ही इमारत को खाली करवा लिया था बावजूद इसके, पास की दो इमारतें अब खतरे की जद में आ गई हैं।
मंडी और सिरमौर सर्वाधिक प्रभावित
मंडी जिला इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां 139 सड़कें बंद हैं और 314 ट्रांसफॉर्मर ठप पड़े हैं। गोहर, मंडी-दो और जोगिंदर नगर क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। मंगलवार सुबह मंडी के एक गांव में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कई लोग लापता हो गए. लापता लोगों की तलाश और राहत कार्य जारी है।
स्कूलों में पानी, पढ़ाई ठप
बारिश का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। बिलासपुर जिले के कुन्हमुझवाड़ सरकारी स्कूल में बाढ़ का पानी घुस जाने से 130 से अधिक बच्चों को वापस घर भेजना पड़ा। उपप्रधानाचार्य श्याम लाल ने बताया कि स्कूल के कमरे घुटनों तक पानी से भरे थे और केवल कीचड़ ही बचा था। इसी तरह, शिमला के जुंगा इलाके के एक प्राइमरी स्कूल को भी भारी नुकसान हुआ है।
सड़कें बंद, लंबा ट्रैफिक जाम
शिमला-चंडीगढ़ हाईवे पर कई जगहों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने से यातायात को एक लेन पर मोड़ना पड़ा, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। सोलन जिले के चक्की मोड़ और डेलगी में भी भारी भूस्खलन हुआ है। प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को 24 घंटे मशीनरी तैनात रखने के निर्देश दिए हैं ताकि मार्गों को जल्द से जल्द खोला जा सके।
IMD का ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और 6 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना ज़रूरत के यात्रा न करें और सरकारी अलर्ट पर लगातार नज़र रखें।
