डेस्क:
आज के समय में सोशल मीडिया (Social Media) हमारे जीवन में बहुत अहम हिस्सा बन गया है। लोग अपनी हर एक हरकत को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। उनकी चाहत केवल यही होती है कि उनकी पोस्ट पर ज्यादा से ज्यादा लाइक,कॉमेंट और शेयर (Like,Comment and Share) मिले। आज लोग इसी चिंता में रहते हैं कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा लोग प्रसंद करें। इसी टेंशन के कारण वे मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब लोग काउंसिलिंग के लिए साइकियाट्रिस्ट और साइकोलॉजिस्ट के पास ज्यादा संख्या में पहुंच रहे हैं।

जीवन और करियर को दांव को लगा रहे लोग
आज के युवा केवल दिखावे के लिए जी रहे हैं। जहां इंटरनेट मीडिया में स्टेटस, प्रोफाइल, फोटो और रील्स जैसी चीजों से दिखावा आया। वहीं लाइक कमेंट के चक्कर में हम अपने पड़ोस,अपने परिवार,अपने समाज और अपने देश की चिंता किए बिना इंटरनेट के डाटा के कंजंक्शन के आधार पर अपने सेहत और अपने जीवन के करियर को दांव पर लगाते हुए लगातार किसी अंत हीन दिशा की ओर बढ़ते जा रहे हैं।

लोगों को होगा समझना रियल और वर्चुअल लाइफ अलग
सोशल मीडिया पर लाइक,शेयर और कॉमेंट की मानसिकता को लेकर रांची के कई सीनियर साइकियाट्रिस्ट मानते है कि आज लोग अपनी हर एक एक्टिविटी को पोस्ट करते है और चाहते है कि लोग उसे प्रसंद करें। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि रियल और वर्चुअल लाइफ अलग है। लोग वर्चुअल लाइफ में भी लोगों से उतनी ही उम्मीद करते हैं जितनी की कोई रियल में करता है। जब कोई रिस्पांस नहीं देता और उन्हें कोई रिजल्ट नहीं मिलता तो उनका फ्रस्ट्रेशन बाहर आता है। लोग अपने अंदर ही घुटने लगते है। इस कारण लोग अपनो से दूर होते जा रहे हैं। आज की पीढ़ी पर सोशल मीडिया हावी है।