द फॉलोअप डेस्क
केंद्र सरकार ने लोकप्रिय मैसेजिंग एप के उपयोग के तरीके में अब बड़ा बदलाव लाने का निर्णय लिया है। सरकार ने बदल्वाव करते हुए वाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अरात्ताई और जोश जैसी सेवाओं के लिए नई शर्तें लागू कर दी हैं। इसे लेकर दूरसंचार विभाग ने निर्देश दिया है कि अब ये एप तभी काम कर सकेंगे जब यूजर के डिवाइस में एक्टिव सिम कार्ड मौजूद होंगे।.jpeg)
सरकार ने इस नियम को लेकर जानकारी दी और कहा कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है। वहीं कंपनियों को 90 दिनों के भीतर व्यवस्था लागू करनी होगी और 120 दिनों के अंदर सरकार को इसकी अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी।.jpg)
यह आदेश दूरसंचार साइबर सुरक्षा नियम, 2025 के तहत जारी किया गया है, इसके जरिए पहली बार एप-आधारित दूरसंचार सेवाओं को सख्त दूरसंचार नियमों के दायरे में शामिल किया गया है। 28 नवंबर को दूरसंचार विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि कई एप-आधारित संचार सेवाएं केवल मोबाइल नंबर का उपयोग करके यूजर की पहचान करती हैं और सिम हटाने या निष्क्रिय होने के बाद भी सेवाएं जारी रहती हैं, ऐसे में साइबर धोखाधड़ी की आशंका बढ़ जाती है। इसे लेकर ही सरकार ने यह निर्णय लिया है।