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ओडिशा : हाईवे पर 20,000 फूलदार पेड़ लगाएगा NHAI, 3 जिलों में बनेगा राज्य का पहला ‘बी कॉरिडोर’

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द फॉलोअप डेस्क 

ओडिशा में NHAI, हाईवे पर 20,000 फूलदार पेड़ लगाएगा और इसकी मदद से 3 जिलों में राज्य का पहला ‘बी कॉरिडोर’ बनेगा। मिली खबर के मुताबिक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ओडिशा का पहला ‘महुआ-मछली कॉरिडोर’ (bee corridor) बनाने जा रहा है। इसके लिए संबलपुर, ढेंकानाल और गंजाम ज़िलों में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लगभग 20,000 फूलदार पेड़ और पौधे लगाए जाएंगे। यह पहल NHAI के पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार हाईवे विकास के बड़े अभियान का हिस्सा है। इसका मकसद मधुमक्खियों के लिए अनुकूल पेड़-पौधों की लगातार पट्टियां बनाना है। यह पारंपरिक सजावटी सड़क किनारे लगाए जाने वाले पौधों से हटकर एक बड़ा बदलाव है। अब ऐसे पारिस्थितिक रूप से उपयोगी परिदृश्य बनाए जाएँगे जो जैव विविधता और परागण करने वाले जीवों के संरक्षण में मदद करेंगे।

मॉनसून शुरू होने के समय उद्घाटन 

ओडिशा में NHAI के क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यह प्रोजेक्ट मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले जीवों पर बढ़ते पारिस्थितिक दबाव को कम करने का काम करेगा। परागण करने वाले जीवों की आबादी में कमी से कृषि और बागवानी उत्पादन के साथ-साथ पूरे पारिस्थितिक संतुलन पर भी खतरा पैदा होता है। NHAI इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन मॉनसून शुरू होने के समय करेगा। फूलदार पेड़ों के झुंड लगभग 500 मीटर से 1 किलोमीटर के अंतराल पर लगाए जाएंगे। यह दूरी मधुमक्खियों और जंगली मधुमक्खियों के भोजन खोजने की सामान्य सीमा के हिसाब से तय की गई है। ये पेड़-पौधे पहाड़ी इलाकों में, इंसानी बस्तियों से दूर लगाए जाएंगे। इस वृक्षारोपण में मुख्य रूप से नीम, करंज, अर्जुन, कदंब, जामुन, इमली और कचनार जैसी स्थानीय प्रजातियां शामिल होंगी। इसके अलावा महुआ, पलाश, बॉटल ब्रश और सिरिस जैसी अन्य प्रजातियां भी इस राष्ट्रीय पहल का हिस्सा हैं।

क्या है पूरी योजना 

इस योजना में पेड़, झाड़ियां, जड़ी-बूटियां और घास का एक विविध मिश्रण शामिल है। साथ ही, मधुमक्खियों के लिए उपयुक्त आवास बनाने के लिए फूलदार खरपतवार, सूखी लकड़ियां और खोखले तनों जैसे जंगली तत्वों को भी सुरक्षित रखा जाएगा। पौधों की प्रजातियों का चुनाव इस तरह से किया गया है कि उनमें अलग-अलग समय पर फूल खिलें, ताकि पूरे साल मधुमक्खियों को अमृत और पराग मिलता रहे। NHAI जल्द ही वृक्षारोपण और उनके रखरखाव के लिए टेंडर जारी करेगा। पौधे आने वाले मॉनसून के मौसम में लगाए जाएँगे, और इन हिस्सों में काम को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


 

Tags - Odisha NHAI Flowering Trees   Highway Bee Corridor