द फॉलोअप डेस्क
ओडिशा के गवर्नर (Governor) हरि बाबू कम्भमपति ने रविवार को राज्य सरकार के विश्वविद्यालयों के वाइस-चांसलर (Vice-Chancellors) को निर्देश दिया कि वे नवंबर तक फैकल्टी की भर्ती प्रक्रिया (Faculty Recruitment Process) पूरी कर लें। खाली टीचिंग पदों (Teaching Posts) को भरना मुख्य प्राथमिकता (Top Priority) के तौर पर तय किया गया। गवर्नर की अध्यक्षता में लोक भवन में फैकल्टी भर्ती (Faculty Recruitment) पर एक बैठक हुई। इस बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री (Higher Education Minister), विभाग के कमिश्नर (Commissioner) और राज्य के विभिन्न सरकारी विश्वविद्यालयों के वाइस-चांसलर और रजिस्ट्रार (Registrars) शामिल हुए।

पदों को भरना अब विश्वविद्यालयों के लिए एक बड़ी चुनौती
गवर्नर ने कहा कि रेगुलर वाइस-चांसलर की नियुक्ति के बाद खाली फैकल्टी पदों को भरना अब विश्वविद्यालयों के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति में मेरिट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान क्वालिटी और मेरिट से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
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1,435 फैकल्टी पद भरे जाएंगे
ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि विश्वविद्यालयों में रेगुलर वाइस-चांसलर की नियुक्ति के बाद सरकार ने फैकल्टी भर्ती को प्राथमिकता दी है। सूरज ने कहा, विश्वविद्यालयों में रेगुलर वाइस-चांसलर की नियुक्ति के बाद, हमने 1,435 खाली पदों के लिए फैकल्टी की नियुक्ति को प्राथमिकता दी। इन खाली पदों के लिए लगभग 57,000 आवेदन मिले। शुरुआती जांच की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।" रेवेनशॉ यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रो. अर्का कुमार दास महापात्रा ने कहा कि विश्वविद्यालयों को खाली पदों को भरने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। दास महापात्रा ने कहा, "हमें सिर्फ़ एक बात कही गई, और वह है लगभग 1,400 खाली पदों को भरना। हमें इसे नवंबर के पहले हफ़्ते तक पूरा करने के लिए कहा गया।"
