पटना
पिछले चुनाव में बिहार में नरेंद्र मोदी के नाम पर लोगों ने बीजेपी को वोट दिये। इसकी क्या वजह थी। जन सुराज के मुखिया ने आज इस बारे में पटना में बताया। किशोर ने कहा कि लोग बिहार में जातिगत वोटों की बात करते हैं। कहा जाता है यहां, वोट के लिए जातिगत समीकरण काम करता है। लेकिन नरेंद्र मोदी की जाति का एक भी आदमी बिहार में नहीं है। फिर लोगों ने उनको या उनके नाम पर वोट डाले। ऐसे इसलिए हुआ क्योंकि मोदी की छवि, मतदान के समय इमानदार आदमी की थी। लोगों को लगा कि ये इमानदार उनका विकास करेगा। हालांकि मोदी इस अपेक्षा पर खरे नहीं उतर पाये, ये अलग बात है। लेकिन लोगों ने उनको वोट तो इमानदारी के नाम पर ही किया।

इस तरह सोचती है बिहार की जनता
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार के लोगों को ये दिख रहा है कि अभी उनके सामने जो भी नेता है, वो चोर है। ऐसे में पब्लिक ये सोचती है कि दोनों ही जब चोर हैं, तो अपनी जाति वाले को ही वोट देते हैं। लेकिन अगर जनता को कोई इमानदार दिखेगा, तो जनता उसको जरूर वोट देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिहार के लोगों ने खूब वोट दिया। लेकिन उनकी जाति के कितने लोग बिहार में रहते हैं, एक भी नहीं रहते हैं। लेकिन लोगों को लगा कि मोदी को वोट देंगे तो उनका विकास होगा। इसीलिए बिहार की जनता ने जाति और धर्म की सोच से ऊपर उठकर नरेंद्र मोदी को वोट दिया। अब नरेंद्र मोदी ने काम नहीं किया, तो अलग बात है।

मैंने 15 महीने से घर छोड़ा है, बिहार के नौजवान 15 सालों से बाहर हैं
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि हम 15 महीने से पैदल चल रहे हैं, तो लोग कह रहे हैं कि भइया अपना घर-परिवार को छोड़कर ये पैदल चल रहे हैं। लेकिन बिहार के कई नौजवान 10 से 15 सालों से अपना घर छोड़कर बाहर ही रह रहे हैं। कभी छठ में या किसी शादी-विवाह में कुछ दिनों के लिए वे घर आते हैं। हमने 15 महीने से अपना घर छोड़ा है, तो लोग समझ रहे हैं कि मैं बहुत महान आदमी हूं। आपका बच्चा तो 15 सालों से बाहर रह रहा है।
