नई दिल्ली
दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक बयान को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने मुख्यमंत्री पर इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया है। मामला उस टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें भगत सिंह के केंद्रीय विधानसभा बम कांड का ज़िक्र किया गया।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में कहा कि भगत सिंह और उनके साथियों ने ‘बहरी कांग्रेस सरकार’ के खिलाफ बम फेंका था। इस बयान के सामने आने के बाद विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
आप विधायक संजीव झा ने इसे इतिहास का ‘अपडेटेड वर्जन’ बताते हुए कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने 1929 में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ केंद्रीय विधानसभा में बम फेंका था, न कि किसी भारतीय राजनीतिक दल के खिलाफ।

संजीव झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसते हुए लिखा कि अब इतिहास ‘रीमिक्स मोड’ में चल रहा है और आगे चलकर कुछ भी नया सुनने को मिल सकता है। उन्होंने चंद्रगुप्त मौर्य और गांधीजी को लेकर भी व्यंग्य किया। दिल्ली प्रदेश आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह बात स्कूली छात्रों तक को पता है कि भगत सिंह ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में दिल्ली के ऐतिहासिक संदर्भों का ज़िक्र करते हुए महाभारत, पृथ्वीराज चौहान और फिर भगत सिंह-बटुकेश्वर दत्त द्वारा किए गए बम कांड की चर्चा की थी। यह टिप्पणी विधानसभा की आधिकारिक वेबकास्ट में दर्ज है।
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इस पूरे मामले पर अब तक मुख्यमंत्री या दिल्ली सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके तीन विधायकों, संजीव झा, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह— को विधानसभा परिसर में प्रवेश से रोका गया। पार्टी का कहना है कि सरकार सवाल पूछने वालों की आवाज दबा रही है। पीटीआई के अनुसार, इन विधायकों को पहले ही लेफ्टिनेंट गवर्नर के भाषण में व्यवधान डालने के आरोप में सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया जा चुका है।
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