द फॉलोअप डेस्क
कभी जहां कश्मीर में महिलाओं को सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित माना जाता था, वहां अब नई सोच और बदलाव की लहर चल पड़ी है। महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और समाज की पुरानी सोच को तोड़ रही हैं। इसी बदलाव की मिसाल बनी हैं राबिया यासीन, जो कश्मीर की पहली महिला ट्रक ड्राइवर हैं।
पुलवामा के वखेरवान इलाके की रहने वाली राबिया की शादी 6 साल पहले ट्रक ड्राइवर इम्तियाज अहमद मीर से हुई थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ ट्रक में सफर करने लगीं। हाइवे पर उड़ती धूल और लंबी यात्राओं के दौरान उन्होंने ट्रक चलाने की बारीकियां सीखीं। धीरे-धीरे उनका रुझान इस पेशे की ओर बढ़ा और उन्होंने अपने पति से ट्रक चलाना सीखने की इच्छा जताई। शुरुआत में भारी-भरकम ट्रक संभालना मुश्किल था, लेकिन मजबूत इरादों के साथ उन्होंने हार नहीं मानी। एक साल की मेहनत के बाद राबिया ने पहली बार हाइवे पर ट्रक चलाया और यही उनके सफर की नई शुरुआत बन गई।
अब भारतभर में चला रही हैं ट्रक
अब राबिया अपने पति के साथ पूरे देश में ट्रक चला रही हैं। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र जैसी कई जगहों पर वह अपना ट्रक लेकर जा चुकी हैं। समाज की पुरानी सोच को चुनौती देते हुए वह यह साबित कर रही हैं कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। राबिया बताती हैं कि जब उन्होंने ट्रक चलाना शुरू किया, तो लोग तंज कसते थे। लेकिन अब वही लोग उनकी हिम्मत की तारीफ करते हैं। कई महिलाएं उनसे आकर पूछती हैं कि क्या वे भी ऐसा कर सकती हैं? उनका जवाब हमेशा एक ही होता है- बिल्कुल कर सकती हैं!
राबिया का "Rabia Vlogs 786" नाम से एक यूट्यूब चैनल भी है, जहां वह अपने सफर, चुनौतियों और सफलता की कहानियां शेयर करती हैं। उनकी वीडियो पर हजारों लोग उन्हें सराहते हैं और प्रेरणा लेते हैं। बता दें कि जहां समाज के कुछ लोगों उनकी आलोचना की, वहीं उनके पति और ससुराल वालों ने हमेशा उनका साथ दिया। उनका मानना है कि महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का पूरा हक है।
वहीं राबिया का मानना है कि अब वह समय चला गया जब कश्मीर की लड़कियों को सिर्फ घर तक सीमित रखा जाता था। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और हर लड़की को अपने सपनों की उड़ान भरनी चाहिए। उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर हिम्मत और जुनून हो, तो कोई भी मंजिल नामुमकिन नहीं।