ओडिशा:
भारत ने बुधवार को अग्नि-3 बैलिस्टिक मिसाइल (Agni-III ballistic missile) का सफल परीक्षण किया गया। यह परिक्षण ओडिशा के तट से दूर एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (APJ Abdul Kalam Island) पर हुई। भारत ने बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 का सफल परीक्षण करके अपनी मिसाइल शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र में एक और कामयाबी हासिल की है। सफलतापूर्वक किया गया यह टेस्ट भारत के रूटीन यूजर ट्रेनिंग लॉन्च को स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC) के निर्देशन में किया गया। यह मिसाइल 3500 किलोमीटर दूर तक दुश्मनों के ठिकानों पर सटीक निशाना लगाकर उसे तबाह करने की ताकत रखती है।

सभी परिचालन मापदंडों पर खरी उतरी
एक आधिकारिक बयान में खुलासा किया कि इंटरमीडिएट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि -3 का सफल प्रक्षेपण किया गया है। यह सामरिक बल कमांड (SFC) के तत्वावधान में किए गए नियमित उपयोगकर्ता प्रशिक्षण का हिस्सा था। मिसाइल का प्रक्षेपण पूर्व निर्धारित सीमा के लिए किया गया था और सिस्टम के सभी परिचालन मापदंडों पर खरी उतरी है।

क्या है खासियत
अग्नि-3 मिसाइल की लंबाई 17 मीटर और व्यास 2 मीटर है। यह मिसाइल एक सेकेंड में पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। रक्षा मंत्रालय ने बयान में यह भी कहा कि मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 को 2011 में अग्नि-2 के उत्तराधिकारी के रूप में सेवा में शामिल किया गया था। अग्नि-3 की मारक क्षमता 3,000 से 5,000 किलोमीटर तक है। फायर के बाद यह मिसाइल पाकिस्तान और चीन सहित कई पड़ोसी देशों के अंदर तक जाकर टारगेट को हिट कर सकती है।अग्नि-3 दो चरणों वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जो परमाणु हमला करने में सक्षम है। इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने डिजाइन किया है। यह मिसाइल सॉफिस्टिकेटेड नेविगेशन, ऑनबोर्ड कंप्यूटर सिस्टम और गाइडेंस एवं कंट्रोल सिस्टम्स से लैस है।