डेस्क:
15 नवंबर को दुनिया की आबादी ने 8 अरब (8 billion) का आंकड़ा छू लिया है। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की रिपोर्ट के मुताबिक नए अनुमानों से पता चला है कि 2030 तक वैश्विक आबादी करीब 8.5 अरब हो जाएगी। 2050 तक दुनिया की जनसंख्या 9.7 अरब और 2100 तक 10.4 अरब होने की गणना भी की है। 2023 में भारत के नाम एक और उपलब्धि हो जाएगी और चीन को पीछे छोड़ते हुए देश दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा। अभी चीन की आबादी 1.44 बिलियन और भारत की आबादी 1.39 बिलियन है। ये दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं।

कुछ सालों बाद यह चरम पर होगी आबादी
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की आबादी 48 साल दोगुनी हो रही है। 1974 में 4 अरब के आंकड़े को छूने के 48 साल बाद आबादी डबल हुई है। हालांकि अब आबादी कभी दोगुनी नहीं होगी। कम मौतों और जीवन प्रत्याशा (Life expectancy) में वृद्धि के कारण दुनिया की आबादी अगले कुछ दशकों तक बढ़ती रहेगी। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या के अनुमान डाटा और कई एक्सपर्ट का मानना है कि दुनिया की आबादी हमेशा के लिए नहीं बढ़ेगी। कुछ सालों बाद यह चरम पर होगी और उसके बाद आबादी का ग्राफ नीचे की ओर आएगा।

गरीब देशों में जनसंख्या में वृद्धि
वैश्विक जनसंख्या के आंकड़े देखें तो गरीब देशों में जनसंख्या वृद्धि की दर में बढ़ोतरी देखी गई है। इसमें ज्यादातर अफ्रीका के देश हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक वैश्विक तापमान में हो रही बढ़ोतरी को रोकने के लिए पेरिस समझौते के उद्देश्यों को पूरा करना जरूरी है। इसमें सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goals) के लक्ष्य और उत्पादन के साथ ही खपत में संतुलन बनाना जरूरी है। जनसंख्या वृद्धि की दर में कमी आने से पर्यावरण को तेजी से पहुंच रहे नुकसान को कम करने में भी सहायता मिल सकती है।