द फॉलोअप टीम, नई दिल्ली:
सोनिया गांधी के विश्वासपात्र और भरोसे के व्यक्ति अहमद पटेल का निधन कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा झटका है। अब उनके बाद सोनिया की सलाहकार मंडली में कौन से नेता हैं, जो उनके बहुत करीबी हैं और कौन बेहद खास हैं, चंद दिनों बाद कांग्रेस में इस पर मंथन शुरू हो जाएगा। कांग्रेस में ऐसा माना जाता है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों के अपने कुछ खास नेता हैं और कुछ अपना खास नेताओं का घेरा भी है। आखिर सोनिया के अंदरूनी सर्किल में कौन से नेता हैं, क्या कोई ऐसा है जो पटेल की जगह ले सके, यह बताना अभी बहुत मुश्किल है।
कौन नेता हैं सोनिया के सबसे नजदीक
कांग्रेस के कुनबे में अब इसपर चर्चा होने लगी है कि आखिर कौन हैं सोनिया गांधी के नजदीक, जिसपर वो भरोसा कर सकती हैं। कांग्रेस में अमूमन ऐसे तीन घेरे माने जाते रहे हैं। उनका एकदम अंदरूनी घेरा, जिसमें मुश्किल से 04-05 नेता हैं, फिर बीच का घेरा, जिसमें भी इतने ही नेता हैं और तीसरा घेरा, जिसमें 04 के आसपास कांग्रेस के बड़े नेता शामिल हैं। सोनिया इन्हीं नेताओं से मशवरा करती हैं। पिछले दिनों इस घेरे में थोड़ी बहुत रद्दोबदल की खबरें भी आईं, लेकिन कमोबेश सोनिया आमतौर पर राजनीतिक तौर पर इन्हीं इन घेरे के नेताओं से विचार-विमर्श करती हैं। उनके किसी भी फैसलों में ये नेता सबसे ज्यादा शामिल होते रहे हैं।
कौन बनेंगे सोनिया के बड़े संकटमोचक?
हालांकि उनके सबसे ज्यादा भरोसे के नेता अंदरूनी घेरे वाले ही हैं, जिसे कांग्रेस हलकों में फर्स्ट सर्किल कहा जाता है। जाहिर सी बात है कि इस अंदरूनी घेरे में भी सबसे खास नेता और सलाहकार थे। अब उनकी जगह कौन ले सकता है, ये कहना मुश्किल है, लेकिन ये जरूर तय है कि सोनिया तमाम सलाह के लिए अब इस अंदरूनी घेरे पर और आश्रित हो जाएंगी। फिलहाल सोनिया गांधी ही कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर काम कर रही हैं। जो लोग उनके खास सिपहसालार हैं, वो कांग्रेस के पुराने नेता हैं, इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व रक्षा मंत्री एके एंथनी, अंबिका सोनी शामिल हैं। अहमद पटेल का कद इनमें भी सबसे बड़ा था। वो सोनिया के बड़े संकटमोचक माने जाते थे।
सियासत से दूर रहता है सोनिया का सिपहसालार
मनमोहन को सोनिया ने वर्ष 2005 में यूपीए सरकार का प्रधानमंत्री बनाया। वो दो कार्यकाल तक प्रधानमंत्री रहे। सोनिया का उन पर अगाध विश्वास है। वो उनसे सलाह लेती हैं। लेकिन टेढे-मेढ़े और जोड़-तोड़ के कामों से उन्हें परे रखा जाता है लेकिन वो उनकी सलाह वाकई कांग्रेस शीर्ष नेता के लिए मायने रखती है। वो उन पर आंख बंद कर भरोसा करती हैं। वैसे अशोक गहलौत भी सोनिया के इनर सर्किल के नेता माने जाते हैं। इसी इनर सर्किल में एक और नाम हैं, जो सियासी जगत में कतई सक्रिय नहीं रहते, लेकिन सोनिया के खास हैं और लंबे समय से करीब हैं। वो हैं सुमन दुबे। वो राजीव गांधी के दून स्कूल के सखा हैं। पहले राजीव के करीब रहे, उसके बाद सोनिया के विश्वस्त हैं। वो गांधी परिवार की कई चैरिटेबल संस्थाओं से जुड़े हैं।