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मेरा नाम सुमन है और मैं मर रही हूं...भाई कभी बहन की जिंदगी की कीमत पर अपना घर मत बसाना!

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द फॉलोअप टीम, नागौर:

नागौर जिले के नावां थाने के हेमपुरा में दो दिन पहले एक युवती ने आतहत्या कर ली। युवती की पहचान 21 वर्षीय सुमन चौधरी के रूप में हुई है। वह शादी-शुदा थी। सुमन 8 महीने से अपने मायके में ही रह रही थी। सुमन ने  कुंए में कूद कर जान दे दी थी। सुमन की शादी भूणी में हुई थी, पति विदेश में रहता है।  घरवाले कहते हैं है कि सुमन की दिमागी हालत ठीक नहीं थी इसलिए वह कुएं में गिर गई लेकिन पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है जो काफी वायरल हो रहा है। सुसाइड नोट में आटा-साटा कुप्रथा का जिक्र है। सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस भी जांच में जुट गई है।


क्या होता है आटा-साटा पहले ये जानिये 
बाल विवाह के साथ एक और कुप्रथा चली आ रही है जो आटा–साटा है जिसकी वजह से समाज में बहुत गलत कार्य हो रहे है। आटा–साटा एक कुरीति है जिसको हम इस प्रकार समझ सकते है कि किसी की बहन की शादी किसी लडके से कर रहे है तो लड़की के ससुराल वालों की जिम्मेदारी होगी दुल्हन के भाई की शादी करवाना। सीधे-सीधे शब्दों में समझें तो लड़की के बदले लड़की लेना और देना एक आटा–साटा है। राजस्थान के सभी क्षेत्रों में यह कुरीति है जिसको एक बाल विवाह के साथ जोड़ा जा सकता है।

राजस्थान में व्याप्त है आटा-साटा की कुरीति
आटा–साटा बाल विवाह में बहुत होता है। आटा–साटा मुख्य रूप से पिछडे वर्ग और दलित वर्ग में हो रहे है। जिसके मुख्य कारण लडकी की शादी को माता पिता द्वारा अपने उपर बोझ समझना, शिक्षा का अभाव, रूढ़िवादी अंधविश्वास, निम्न आर्थिक हालात। सबसे ज्यादा आटा–साटा के कारण ये है कि लडकी के परिवार में डर कि उनके लडके की शादी नहीं होगी क्योकि आजकल भारतीय समाज में एक सच है यदि आप गरीब और पिछड़े हैं तो आपके लडके की शादी नही होगी !


मेरा नाम सुमन चौधरी है मैं मर रही हूं! 
मेरा नाम सुमन चौधरी है। मुझे पता है सुसाइड करना गलत है, पर मैं सुसाइड करना चाहती हूं। मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा परिवार नहीं बल्कि मेरे मरने की वजह पूरा समाज है,जिसने आटा साटा नाम की कुप्रथा चला रखी है। जिसके कारण लड़कियों को जिंदा मौत मिलती है। जिसमें लड़कियों को समाज के समझदार परिवार अपने लड़कों के बदले बेचते हैं। समाज के लोगों की नजरों में तलाक लेना गलत है, परिवार के खिलाफ शादी करना गलत है, तो फिर यह आटा साटा भी गलत है। आज इस प्रथा के कारण हजारों लड़कियों की जिंदगी और परिवार पूरे बर्बाद हो गए हैं। इस प्रथा के कारण पढ़ी-लिखी लड़कियों की जिंदगी खराब हो जाती है। इसी प्रथा के कारण 17 साल की लड़की की शादी 70 साल के लड़के से कर दी जाती है। केवल अपने स्वार्थ के कारण।

मैं चाहती हूं कि समाज से ये कुप्रथा जाए! 
मैं चाहती हूं, मेरी मौत के बाद यह मेरी बातें बनाने की जगह, मेरे परिवार वालों पर उंगली उठाने की जगह, इस प्रथा के खिलाफ आवाज उठाएं। इस प्रथा को बंद करने के लिए शुरुआत करनी होगी। मेरी हर एक भाइयों को अपनी बहन राखी की सौगंध, अपनी बहन की जिंदगी खराब करके अपना घर न बसाएं। आज इस प्रथा के कारण समाज की सोच कितनी खराब हो गई है कि लड़की के पैदा होते ही तय कर लेते है कि इसके बदले किसकी शादी करानी है।