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बेटी की लाश सड़ती रही, पिता परफ्यूम छिड़कता रहा; मेरठ में खौफनाक खुलासा

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मेरठ 

उदय भानु बिस्वास ने अपनी बेटी की मौत के बाद करीब 4 महीने तक उसी घर में लाश के साथ जिंदगी काट रहा था। किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। बदबू छिपाने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल करते रहे और घर में कूड़ा भर दिया ताकि किसी को शक न हो। बाद में कुछ समय के लिए देहरादून चले गए, लेकिन वापस आने के बाद भी सच छिपाते रहे। फिलहाल पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पत्नी शर्मिष्ठा की मौत के बाद प्रियंका सदमे में रहने लगी 
बंगाल के रहने वाले उदय भानु बिस्वास 76 वर्ष काशी में शिक्षा विभाग में कार्यरत थे। बोर्ड ऑफिस में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात थे। 2010 में रिटायर हुए थे। अब वे सदर के तेली मोहल्ले में छोटा सा मकान लेकर अपनी बेटी प्रियंका बिस्वास (35 वर्ष ) के साथ रहते है। बेटी प्रियंका बिस्वास प्राइवेट विद्यालय में शिक्षका थी।  उदय भानु काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते थे। घर नहीं आ पाते थे, जिसको लेकर पत्नी शर्मिष्ठा नाराज रहती थी। उसी दौरान शर्मिष्ठा बिश्वास (59) ने मेरठ के घर में फांसी लगा ली। उनकी पत्नी शर्मिष्ठा की मौत के बाद प्रियंका सदमे में एकदम शांत रहने लगी। 5 दिसंबर को आखिरी बार देखा गया प्रियंका के चचेरे भाई सुनीलमल बिश्वास ने बताया- उन्होंने अपने चाचा उदय भानु विश्वास को 5 दिसंबर को आखिरी बार देखा। उसके बाद न तो प्रियंका दिखी और न ही चाचा। एक दिन फोन कर पूछताछ करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो पाई। शक का भांडा फुटने के बाद सच बताया की  की लाश घर के अंदर
थोड़ी देर बाद चाचा ने खुद नए नंबर से फोन मिलाया। उन्होंने बताया कि वह देहरादून में है। प्रियंका के बारे में पूछने पर बताया कि वह बीमार है। देहरादून के अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है। सुनील ने बताया कि शुक्रवार शाम किसी ने उन्हें फोन कर बताया कि उदय भानु को बेगमबाग के कॉर्नर पर बनी चाय की दुकान पर देखा गया है। इसके बाद सुनीलमल अपने कुछ रिश्तेदारों को लेकर दुकान पर पहुंचे और चाचा को पकड़ लिया। घर के भीतर लगा कूड़े का ढेर सुनील ने बताया- उन्होंने अपने कुछ रिश्तेदारों को वहां बुला लिया। इसके बाद सभी उदय भानु को पकड़कर उनके घर पर ले आए सख्ती करने के बाद उन्होंने सच कबूल दिया। उन्होंने बताया कि बेटी की लाश घर के अंदर है तो रिश्तेदारों ने  पुलिस को सूचना दी। घर के अंदर कूड़े का ढेर लगा हुआ था। बेड पर प्रियंका का शव तो पड़ा था, लेकिन वह कंकाल बन चुका था। इस बात की खबर मिलते ही पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी भिजवाया। पीलिया से हुई प्रियंका की मौत पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है। वह दुर्गंध को छिपाए रखने के लिए परफ्यूम का यूज करता था। उसके घर से परफ्यूम की काफी बोतलें भी मिली हैं। पुलिस ने उदय भानु से पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लेकर सदर बाजार थाने भेज दिया। उदय भानु ने पुलिस को बताया कि प्रियंका को काला पीलिया हो गया था। वह उसकी झाड़-फूंक कराते थे, लेकिन सेहत नहीं सुधरी और उसकी मौत हो गई। 2 महीने तक वह उसके साथ रहे। इसके बाद वह देहरादून चले गए। देहरादून से कुछ समय पहले ही वापस आए थे। उस वक्त भी प्रियंका का शव आधे से ज्यादा सड़ चुका था।

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