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मीडियाकर्मी, सब्जीवाला और दूध विक्रेता जैसे लोग हाई रिस्क कर्मी, इनका प्राथमिकता के आधार पर होगा वैक्सीनेशन

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द फॉलोअप टीम, रांची:

झारखंड में कोरोना संक्रमण (Corona infection) कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे में इसके नियंत्रण को और मजबूत बनाने को लेकर सरकार कड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अब राज्य के सभी सब्जी, दूध विक्रेताओं और पेट्रोल पंप कर्मचारियों समेत हाई रिस्क ग्रुप (High risk group) के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी जाएगी। इस संबंध स्वास्थ्य विभाग (health Department) ने सभी डीसी को पत्र लिखा है। 

प्राथमिकता से टीकाकरण का निर्देश
जानकारी के मुताबिक पत्र में कहा है कि लोगों के वैसे समूह, जो आम लोगों की दिनचर्या से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण (Vaccination) किया जाए क्योंकि ऐसे लोग ह्यूमन चैन का अहम हिस्सा हैं और कोरोना के चेन का भी रिस्क है । इसलिए आगे किसी तरह का जोखिम न रहे। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि हाई रिस्क ग्रुप के लोगों का प्रतिदिन आम लोगों से संपर्क होता रहता है। ऐसे में यदि इनका टीकाकरण नहीं किया गया तो वे सुपर स्प्रेडर साबित हो सकते हैं।

कौन आते है हाई रिस्क ग्रुप में
बता दें कि ऑक्सीजन निर्माण संयंत्रों, ऑक्सीजन वितरण केंद्रों के सभी श्रमिक, ऑक्सीजन फिलिंग सेंटर, ऑक्सीजन टैंकरों के चालक, दिव्यांग लोग, भारतीय रेलवे के फील्ड स्टाफ, रेलवे टीटीई और ड्राइवर, एयरपोर्ट के फील्ड और ग्राउंड स्टाफ, पत्रकार, ग्रामीण क्षेत्र में सब्जी मंडियों/हाट-बाजार में विक्रेता, पेट्रोल पंप कर्मचारी, होम डिलीवरी एजेंट, अखबार वितरक, दूध वितरक, चेकपोस्ट पर कर्मचारी,टोल बूथ पर कर्मचारी, होटल और रेस्त्रां कर्मचारी, राशन दुकान के कर्मचारी, श्रम विभाग के फील्ड अधिकारी,टैक्सी, ऑटो और रिक्शा चालकों सहित परिवहन कर्मचारी,वकील, विधि लिपिक और न्यायालय कर्मचारी, ट्रांसजेंडर {कोविड स्वयंसेवक समेत अन्य सभी कर्मी हाई रिस्क कैटेगरी में आते है ।