logo

गोड्डा की बेटी ने बढ़ाया मान, झारखंड CLAT टॉपर बनीं अन्ना अनुप्रिया

11331news.jpg

राघव मिश्रा, गोड्डा:

गोड्डा की बेटी ने जिले का मान बढ़ाया है। गोड्डा की अन्ना अनुप्रिया झारखंड की क्लैट टॉपर बनी हैं। अन्ना अनुप्रिया को यह सफलता पहले ही प्रयास में मिली है। अनुप्रिया जिले के अधिवक्ता धर्मेंद्र नारायण की पुत्री है। उनके पिता सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं और बार काउंसिल के सदस्य हैं। अनुप्रिया की इस कामयाबी से उनके माता-पिता काफी खुश हैं। 

 

क्या होती है क्लैट की परीक्षा
CLAT का आयोजन एलएलबी और एलएलएम लॉ कोर्स में एडमिशन के लिए कराया जाता है। यह एक नेशनल लेवल का एग्जाम होता है। क्लैट एंट्रेंस एग्जाम को पास करने के बाद परीक्षार्थी 21 नैशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLUs) में से किसी एक में एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं।


अन्ना क्लैट की झारखंड टॉपर बनीं
अन्ना उत्तराखण्ड यूनवर्सिटी से बीएलएलबी कर चुकी है। वह उत्तराखण्ड के ही देहरादून लॉ कॉलेज में पढ़ती हैं। लॉकडाउन की शुरुआत से ही अन्ना गोड्डा में हैं और यहीं से पढ़ाई कर रही हं। पूरे देश मे अन्ना को 27वां रैंक मिला है।  अन्ना क्लैट टॉपर बनने के बाद काफी खुश हैं। अन्ना अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने अधिवक्ता पिता धर्मेंद्र नारायण को दी हैं। 

 

सुप्रीम कोर्ट में करना चाहती है वकालत 
अन्ना ने बताया कि क्लैट कंप्लीट कर वो अपना कैरियर चुनेगी। क्लैट में चयन के बाद अन्ना अनुप्रिया बेंगलुरु पढ़ाई के लिए जाएंगी एवं बेहतर भविष्य को चुनेंगी। अन्ना के पिता ने बताया कि उनकी बेटी देहरादून लॉ कॉलेज में भी टॉपर रही थी। रिसर्च के दौरान अन्ना अनुप्रिया ने बेहतर थॉट्स लिखे हैं। विभिन्न मुद्दों पर रिसर्च भी किया है। अन्ना अनुप्रिया को उसके रिसर्च के लिए देश के वरिष्ठतम जजों द्वारा पुरुस्कार भी मिला है। अन्ना ने बताया कि वो अपना कैरियर सुप्रीम कोर्ट में बनाना चाहती हैं। 

अन्ना की सफलता पर जिले वासियों में हर्ष 
अन्ना अनुप्रिया के इस सफलता के बाद जिलेवासियों में हर्ष है। अन्ना के परिवार से लेकर सभी स्वजन अन्ना और उनके अधिवक्ता पिता को बधाई दे रहे हैं। अन्ना ने देश की लड़कियों के बीच 14वां रैंक हासिल किया इसको लेकर अन्ना बताती है कि लड़कियों को भी इस क्षेत्र में और अधिक रुचि लेने की जरूरत है। क्लैट कंप्लीट कर अन्ना बड़ी कंपनियों की भी अधिवक्ता बन सकती है लेकिन अन्ना अपना कैरियर सर्वोच्य न्यायालय की तरफ देख रही है।