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इजराइल लिखने जा रहा है इतिहास, अरब-यहूदी मिलकर बनाएंगे नई सरकार!

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द फॉलोअप डेस्क:
फिलस्तीन पर बमबारी भी नेतन्याहू के काम न आ सकी। जबकि राजनीतिक पंडितों का मानना था कि चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए फिलस्तीन से जंग की नौबत पैदा की गई। नेतन्‍याहू को कट़टरवादी माना जाता रहा है। लेकिन इजराइल में हुए चुनाव के परिणाम ने उनकी सारी बिसात को मात दे दी है। बहुत ही हैरान करने वाले नतीजे सामने आए हैं। पहली बार अरब पार्टी यूनाइटेड अरब लिस्ट या रा'म (Ra'am) सरकार में शामिल होने जा रही है। दूसरी ओर नेतन्याहू से अधिक अति-राष्ट्रवादी और दक्षिणपंथी नेता नेफ़्टाली बेनेट सरकार के अगुआ बनने जा रहे हैं।

ऐसा क्यों होने जा रहा
इजराइल की संसद में 120 सदस्य होते हैं। सरकार बनाने के लिए 60 सदस्यों की जरूरत है। आठ दलों के बीच गठबंधन हो चुका है। बारी-बारी से दो अलग दलों के नेता प्रधानमंत्री बनेंगे। सबसे पहले दक्षिणपंथी यामिना पार्टी के नेता नेफ़्टाली बेनेट प्रधानमंत्री बनेंगे। बेनेट 2023 तक प्रधानमंत्री रहेंगे। 27 अगस्त 2023 के बाद मध्यमार्गी येश एटिड पार्टी के नेता येर लेपिड प्रधानमंत्री बनेंगे। येर लेपिड राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन के पास जाकर बता आए हैं,कि उनके पास पर्याप्त समर्थन है। यामिना पार्टी के प्रमुख नेफ़्टाली बेनेट के सात सांसद हैं। उनके साथ तीन और पार्टियाँ हैं, जिनके सात-सात सांसद हैं।



कौन हैं मंसूर अब्बास
इजराइल के उत्तरी इलाक़े के रहने रा'म पार्टी के प्रमुख 47 वर्षीय डॉ मंसूर अब्बास इस्लामी आंदोलन की दक्षिणी शाखा के उपाध्यक्ष भी हैं। दक्षिणी इलाक़ों में मिले बड़े समर्थन के सबब संसद में उनकी पार्टी ने जगह बनाई है। पेशे से दंत चिकित्सक डॉ अब्बास हिब्रू विश्वविद्यालय में अरब छात्र समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। अभी हाइफा विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री ले रहे हैं।



नेफ़्टाली बेनेट कौन हैं
2019 तक हर गठबंधन सरकार में वो मंत्री रहे नेफ़्टाली धुर दक्षिणपंथी नेता हैं। उनका सपना ग्रेटर इजराइल का है। वो वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और सीरियाई गोलान हाइट्स को भी यहूदी इतिहास का हिस्सा बताते हैं। फिलस्ती नी चरमपंथियों को मौत की सज़ा देने की वकालत करते हैं। ऐसे में एक अरब पार्टी के साथ सरकार में शामिल होना चकित करने वाला है ही।



वायरल हो रही तस्वीर 
एक तस्वीर सोशल मीडिया में बहुत वायरल हो रही है। जिसमें दक्षिणपंथी यमिना पार्टी के नेता नेफ़्टाली बेनेट और येश एटिड पार्टी के नेता येर लेपिड के साथ गठबंधन समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए डॉ मंसूर अब्‍बास देखे जा सकते हैं।