प्यार के महीने फ़रवरी में आज प्रॉमिस डे है. यानि वादा करने और वादा निभाने का दिन. वादा करने और निभाने के इस दिन हम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के किये गए वादों और उसकी हकीकत का फॉलोअप करेंगे।
सन्नी शारद, रांची
सरकार बनने से पहले झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने चुनाव में एक मैनिफेस्टो निश्चय पत्र के रूप में जारी किया था. आज प्रॉमिस डे के दिन हम 24 पन्नों के निश्चय पत्र के सिर्फ एक पेज का फॉलोअप करेंगे जो युवाओं का अधिकार शीर्षक से छापा गया था. झामुमो पार्टी जिसके कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन हैं ने युवाओं के अधिकार में कुल 9 वादा युवाओं से किया था उसमें से कितने पूरे हुए और उसकी हकीकत क्या है देखिये.
वादा
1. सरकार गठन के दो साल के अंदर राज्य के विभिन्न खाली पड़े सरकारी पदों लाखों झारखंडी युवकों/युवतियों की नियुक्ति की जाएगी।
हकीकत
JPSC ने 252 पदों के लिए वैकेंसी निकाली है. इसके अलावे JPSC और JSSC ने कोई वैकेंसी नहीं निकाली है.
वादा
2. नौकरी नहीं मिलने तक सभी बेरोजगार स्नातक को 5 हज़ार रुपये और स्नातकोत्तर को 7 हज़ार रुपये भत्ता दिया जायेगा।
हकीकत
बेरोजगारी भत्ता देने के मसले पर सरकार अबतक कोई निर्णय नहीं ले पाई है. इस मसले पर न तो सरकार के तरफ से कोई बयान आया है और न ही पार्टी की तरफ से.
वादा
3. हर पंचायत में दस झारखण्ड युवक-युवतियों को पंचायती राज योजनाओं के निर्माण एवं कार्यक्रम से जोड़ते हुए लाखों युवक युवतियों को नियमित आय के साथ रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा।
हकीकत
अब तक इस पर सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई. पंचायती राज के तहत पंचायत सचिव परीक्षा के अभ्यर्थी नियुक्ति की आस में हैं तो 14 वें वित् आयोग के कर्मी अपनी संविदा विस्तार की लड़ाई लड़ रहे हैं.
वादा
4. नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को JPSC एवं अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में 100 रुपये परीक्षा शुल्क देय होगा.
हकीकत
JPSC ने अभी हाल ही में 252 पदों के लिए वैकेंसी निकाली है जिसमें परीक्षा का फ़ीस 600 रुपये रखा गया है. जब इस सम्बन्ध में झामुमो के केंद्रीय महासचिव से मीडिया ने सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से अभी कमजोर है.
वादा
5. सभी जाति एवं धर्म के गरीब छात्रों को राज्य सरकार में नियुक्ति के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोई परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा.
हकीकत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस कार्यकाल में अबतक सिर्फ JPSC द्वारा ही वैकेंसी निकाली गई है. जिसमें ऐसी कोई बात का जिक्र नहीं है.
वादा
6. पर्यटन विकास, संस्कृति संरक्षण एवं क्षेत्रीय भाषाओँ के विकास हेतु संस्थाओं का गठन करते हुए हज़ारों झारखण्ड युवाओं को रोजगार दिया जायेगा.
हकीकत
सरकार ने अबतक ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है.
वादा
7. हर प्रखंड में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की जाएगी.
हकीकत
झारखण्ड सरकार ने अबतक ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है.
वादा
8. हर वर्ष JPSC और JSSC की परीक्षाएं होगी और उसका कैलेण्डर भी तैयार किया जायेगा.
हकीकत
अबतक JPSC और JSSC की परीक्षाओं का कोई कैलेण्डर जारी नहीं किया गया है. पिछले दिनों JPSC असैनिक परीक्षा का जरूर विज्ञापन निकाला गया.
वादा
9. ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियों को नौकरी हेतु प्रतियोगिता परीक्षा में दस प्रतिशत अतिरिक्त अंक देकर मेघा सूची बनायी जाएगी.
हकीकत
झारखण्ड सरकार ने न तो अभीतक ऐसा कोई फैसला लिया है और न ही कैबिनेट में ऐसा कोई प्रस्ताव अबतक लाया गया है.
हालांकि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार ने सिर्फ 13 महीने ही पूरे किये हैं. सरकार के 4 साल अभी भी बाकी हैं. यानी वादों को निभाने का समय अभी भी है. हेमंत सोरेन खुद भी युवा हैं और युवाओं को रोजगार देने के प्रति प्रतिबद्ध हैं. 2021 में जिस तरह जेपीएससी के तहत वैकेंसी निकाली गई है, आगे भी नियुक्ती जारी रहने की उम्मीद की जा सकती है. देखना होगा कि क्या अगले सालों में हेमंत अपना वादा निभाएंगे.