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नटखट लड़की को जानिये, जिसके दोस्‍त ने कंधे पर उठाकर किया था बर्फों से पार

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रमेश सिंह बिष्‍ट, मुंबई:

बॉलीवुड एक्ट्रेस मुमताज़ का जन्म मुंबई में 31 जुलाई, 1947 को हुआ। 11 की उम्र में फिल्मों में काम शुरू किया। सोलहवें सावन में  उनकी तूती फिल्मी दुनिया में बालने लगी। जब उम्र के 22 वें पड़ाव पर पहुंची तो उन्हेंं सुपरस्टार कहा जाने लगा। लेकिन इसके चाल साल बाद ही 26 वर्ष की आयु में युगांडा के बिजनेसमैन मयूर माधवानी से विवाह कर लिया। 30 की उम्र में फिल्में छोड़ दीं। एक दौर था जब चुलबुली, हंसमुख और नटखट मुमताज़ परदे पर आतीं तो दर्शकों की धड़कनें रुक जाया करतीं। हर कोई उनकी अदाओं और अदाकारी का दीवाना था। लेकिन साठ और सत्तर के दशक की इस हसीन नायिका को आज भुला दिया गया है। 74 वर्षीया मुमताज़ आज अपने वतन और कर्मभूमि मुंबई से हजारों किलोमीटर दूर लंदन में रह रहीं हैं। 

 

राजेश खन्ना और मुमताज की दोस्‍ती

राजेश खन्ना और मुमताज काफी अच्छे दोस्त थे। कहा जाता है कि जब काका को मुमताज की शादी की खबर मिली तो वह नाराज हो गए थे। राजेश खन्ना और मुमताज़ का एक साथ परदे पर दिखना कामयाबी की गारंटी मानी जाती थी। इस जोड़ी ने 'दो रास्ते', 'सच्चा-झूठा', 'आपकी कसम', 'अपना देश' 'प्रेम कहानी', 'दुश्मन', 'बंधन' और 'रोटी' जैसी सफल और यादगार फ़िल्मों में काम किया। राजेश खन्ना उनसे भी विवाह करना चाहते थे पर इस अभिनेत्री ने  साल 1974 में उद्योगपति मयूर मधवानी से शादी रचा ली। उन्होंने कैंसर जैसी बीमारी का भी सामना किया औऱ अपने हिम्मत के बल पर वो आज भी हमारे बीच मौजूद हैं। लेकिन एक बातचीत में मुमताज़ ने बताया था कि रोटी की शूटिंग के दौरान राजेश खन्‍ना रोज उनको कंधे पर उठाकर बर्फों से पार किया करते थे। राजेश मज़ाक में मुमताज़ को “ऐ मोटी इधर आ” कहकर बुलाते थे।

 

छुप गए सारे नजारे....

गौरतलब है कि साल 1971 में संजीव कुमार के साथ 'खिलौना' फ़िल्म के लिए उन्हें फ़िल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला। 1996 में उन्हें फ़िल्मफेयर ने लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया।उनके ऊपर फिल्माए गए कुछ गीतों ने तो तहलका ही मचा दिया था। "छुप गए सारे नजारे", "बिंदिया चमकेगी","ये रेशमी जुल्फें", "जय जय शिवशंकर" जैसे गीत आज भी सुपरहिट हैं और खूब सुने जाते हैं। एक-एक फिल्म में काम करने के उन्‍हें 10 -10 लाख रुपये तक मिले हैं। उन दिनों में यह बहुत बड़ी रकम हुआ करती थी।

 

(मूलत: पहाड़ के रहने वाले लेखक स्‍वतंत्र पत्रकार हैं।)