गोपी कुमार सिंह, लातेहार:
लातेहार जिला के गारू थानाक्षेत्र अंतर्गत सरजू के गनइखाड़ जंगल में हुए गोलीकांड का मसला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर इलाके में काफी तनाव है। बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों द्वारा चलाई गई गोली से जिस युवक की मौत हो गई वो किसी नक्सली संगठन का सदस्य नहीं बल्कि गांव का साधारण युवक था। ये पूरी घटना बीते शनिवार की है। पूरा मामला आपको समझाते हैं।
सुरक्षाबलों ने किया था मुठभेड़ का दावा
मिली जानकारी के मुताबिक बीते शनिवार को सुबह तकरीबन 8 बजकर 50 मिनट पर मुठभेड़ हुई थी। कहा गया है कि भाकपा माओवादी संगठन के छोटू खरवार दस्ता और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी हुई जिसमें एक नक्सली मारा गया। शाम को जिले के पुलिस अधीक्षक प्रशांत आनंद का बयान आया। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में मारा गया युवक नक्सली नहीं बल्कि गांव का साधारण युवक था। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सुरक्षाबल और ग्रामीण युवकों के बीच गलतफहमी की वजह से घटना घटी।
पुलिस अधीक्षक ने माना चूक हो गयी थी
पुलिस अधीक्षक प्रशांत आनंद ने अपने बयान में कहा कि कुछ युवक जंगल की तरफ शिकार की तलाश में हरवे-हथियार से लैस होकर निकले थे। वे सभी लोग पहाड़ की ऊंचाई पर थी। इस बीच उधर से सुरक्षाबल गुजरे। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि सुरक्षाबलों को देख युवकों ने उन पर गोली चलाई। सुरक्षाबल के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें गांव के युवक ब्रह्मदेव सिंह की मौत हो गयी। हालांकि, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते। उन्होंने इसका विरोध किया।
ग्रामीणों ने सुरक्षाबलों पर लगाया आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि गोलीबारी पहले जंगल में नहीं बल्कि घर में ही की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सभी युवक जंगल में नहीं बल्कि अपने-अपने घरों में थे। सुरक्षाबल के जवानों द्वारा उनको बंदूक की नोंक पर जंगल ले जाया गया। ब्रह्मदेव सिंह को गोली मारने के बाद टांग कर जंगल में ले जाया गया। तब तक ब्रह्मदेव सिंह घायल था। जंगल में ले जाकर ब्रह्मदेव को तीन गोली और मारी गई जिससे उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का ये भी कहना है कि ब्रह्मदेव सिंह ने सुरक्षाबलों से कई बार कहा कि वो नक्सली नहीं है। उसे गोली ना मारी जाये। उसकी जिंदगी ना छीनी जाये।
स्थानीय विधायक हरेकृष्णा सिंह की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि सुरक्षाबल के जवान शव को ले जाना चाहते थे जिसका ग्रामीणों द्वारा विरोध किया गया। सुरक्षाबल के जवान स्थानीय पुलिस के आने तक जंगल में ही रूके रहे। जब पुलिस आई तो ब्रह्मदेव के शव को उन्हें सौंप सुरक्षाबल के जवान जंगल से बाहर निकले। इस बीच मनिका से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हरेकृष्णा सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने ये कहा कि सुरक्षाबलों द्वारा बड़ी लापरवाही बरती गई। उन्होंने मृत युवक के परिजनों को ढांढ़स बंधाया।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग जारी
विधायक हरेकृष्णा सिंह ने सरकार से मांग की है कि मृतक ब्रह्मदेव सिंह के आश्रितों को 10 लाख रुपया बतौर मुआवजा दिया जाये। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की गई है। इस बीच पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। हालांकि, मामले को लेकर इलाके में तनाव व्याप्त है। ग्रामीणों में घटना को लेकर सुरक्षाबलों और स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ काफी नाराजगी है। उनकी मांग है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
विधायक बंधु तिर्की जाएंगे गनइखाड़ गांव
इस बीच लातेहार के गारू थानाक्षेत्र अंतर्गत सरजू से सटे गनइखा़ड़ में हुई मुठभेड़ की घटना पर सामाजिक कार्यकर्ता सह युवा नेता शशि पन्ना ने कहा कि मामले को विधानसभा में उठाने की कवायद की जायेगी। इस बीच ये भी खबर मिली है कि मांडर विधायक बंधु तिर्की भी गांव पहुंचकर गोलीबारी में मारे गये युवक ब्रह्मदेव सिंह के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचेंगे।