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एक विवाह ऐसा भी! अपनी शादी में मेहमानों को उपहार लाने से मना क्यों कर रही हैं अंकिता, बात क्या है?

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द फॉलोअप टीम, रांची: 

कुछ साल पहले बॉलीवुड में एक फिल्म आई थी। नाम था एक विवाह ऐसा भी। शीर्षक से ही स्पष्ट है कि वैसी शादी जो बाकी आम शादियों से अलग हो। जुदा हो। वो तो रील लाइफ की शादी थे लेकिन अब जमशेदपुर में रियल लाइफ में एक विवाह ऐसा हो रहा है जो अलग है। इस अनोखी शादी की काफी चर्चा हो रही है। आखिर इस शादी में खास क्या है। क्यों ये शादी मीडिया की सुर्खियों में है। इस परिवार ने ऐसा क्या किया कि लोग कहने लगे एक विवाह ऐसा भी।



जमशेदपुर की अंकिता की शादी कन्हैया से होगी
गौरतलब है कि जमशेदपुर की रहने वाली अंकिता की शादी बिहार के बरौनी के रहने वाले कन्हैया से हो रही है। अंकिता यूपीएससी प्रतियोगी हैं और बाकी प्रतियोगियों के लिए मेंटॉर का काम भी करती हैं। उनकी शादी की कार्ड में मेहमानों के लिए लिखा है कि वे शादी में कोई भी उपहार ना लाएं। कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएं। खुद भी कोरोना के प्रति जागरूक हों। कोरोना की वैक्सीन लगवाएं और बाकी लोगों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें। अब जब भारतीय शादियों में उपहार की सर्वाधिक चर्चा रहती है। घरवाले यही देखते हैं कि किस रिश्तेदार, दोस्त या पड़ोसी की तरफ से बतौर उपहार क्या मिला तो ऐसे में अंकिता उपहार लेने से क्यों मना कर रही हैं। 



अंकिता ने क्यों शादी में अनोखा संदेश दिया है
वजह जानने के लिए द फॉलोअप के संवाददाता ने अंकिता से बात की। अंकिता कहती हैं कि समाज में सभी लोग समान आर्थिक स्थिति वाले नहीं होते। शादियों में उपहार देने की परंपरा या कह लीजिए कि लोक-लाज की वजह से लोग कोई ना कोई उपहार लाते ही हैं। कोरोना काल में कई लोगों की आर्थिक स्थिति खराब है। इसलिए मैं नहीं चाहती कि मेरी शादी किसी व्यक्ति के लिए आर्थिक बोझ का कारण बने। मैं चाहती हूं कि लोग आएं और मुझे सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दें। अंकिता कहती हैं कि मैंने मेहमानों से अपील की है कि वो गिफ्ट के बदले उस पैसे का इस्तेमाल पेड़ लगाने, लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक करने या फिर किसी जरूरतमंद की सहायता करने में करें। अंकिता ने अपनी शादी में और भी कई सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है। 

अंकिता का कहना है कि कोरोना काल में वैक्सीनेशन सर्वाधिक अनिवार्य है। मैं चाहती हूं कि जिनके मन में भी वैक्सीन के प्रति हिचक है वो दूर हो। लोग कोरोना का टीका लगवाएं। अंकिता ने लोगों से गौसेवा का प्रण लेने को भी कहा है। उनकी अपील है कि अपने स्तर से जितना हो सकता है उतना ही सेवा सड़कों पर घूमती गायों के लिए करें। 



पिता नहीं चाहते कि बिटिया के लिए उपहार आये
अंकिता के फैसले में उनके पिता विनोद कुमार भी शरीक हैं। उन्होंने अपनी बेटी को पूरा समर्थन दिया है। आरटीआई एक्टिविस्ट विपिन का कहना है कि मैंने बहुत पहले ही ये संकल्प ले लिया था कि मैं अपनी बेटी या बेटे की शादी में कोई उपहार स्वीकार नहीं करूंगा। मैं नहीं चाहता कि लोक लाज और पंरपरा के नाम पर लोग गिफ्ट खरीदने में आर्थिक परेशानियों का सामना करें। उनका कहना है कि मैंने बिटिया की शादी को एक सामाजिक संदेश देने का जरिया बनाया है। उन्होंने कहा कि लोगों में वैक्सीन को लेकर हिचक है। वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाई गई है। उनका कहना है कि यदि पांच लोग अगले पांच लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक करेंगे तो काफी सकारात्मक परिणाम आयेगा। उन्होने कहा कि पर्यावरण का काफी क्षय किया गया है। मैं चाहता हूं कि लोग जिन पैसों से हमारी बिटिया के लिए उपहार लाते, वे उस राशि का इस्तेमाल पर्यावरण संरक्षण में करें। 



अंकिता के भाई भी परिवार की मुहिम में हैं शामिल
अंकिता के भाई अंकित आनंद ने कहा कि कोरोना महामारी को लेकर सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक हमने केवल 20 लोगों को आमंत्रित किया है। कोशिश की गई है कि कार्ड का वितरण डिजिटली किया जाये। हमारा ये भी प्रय़ास है कि लोग शादी में कोई उपहार ना लायें बल्कि उस पैसे से पर्यावरण संरक्षण और महामारी में लोगों की सहायता के लिए करें। उन्होंने कहा कि इस समय वैक्सीन सर्वाधिक जरूरी चीज है। हमें लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करना होगा। लोगों को समझाना होगा कि वैक्सीन कितनी जरूरी चीज है। तभी बदलाव आयेगा।