द फॉलोअप टीम, डेस्क:
विज्ञान चाहे कितना भी विकास कर ले। समाज चाहे कितना भी आधुनिक हो जाये। आज भी हमारे सामज में कुछ ऐसी चीज़ें है जिसे लेकर लोगो की सोच नहीं बदली है। जैसे “ट्रांसजेंडर्स” को ही देख लीजिए। सरकार ने उनके लिए नए कानून बनाये है परन्तु आज भी उन्हें अच्छी नज़रों से नहीं देखा जाता है। आज हम आपको एक ऐसे ही ट्रांसजेंडर के बारे में बताएंगे , जिनके परिवार ने भी उनकी सच्चाई जानने के बाद उन्हें घर से निकाल दिया। ये समाज की सड़ी हुई सोच को दिखाता है।

कई रातें सड़कों पर गुजारनी पड़ी
हमारे समाज में ट्रांसजेंडर को किस नजरिए से देखा जाता है यह हम सभी जानते है। इसी समाज का एक हिस्सा जब एडम के माता-पिता को पता चला की वो ट्रांसजेंडर है तो उसे घर से निकल दिया गया। उस वक़्त एडम के हाथ में एक भी पैसे नहीं थे। घर ,पैसे और परिवार के अभाव में एडम को हर दिन और रात सड़क पर गुजारनी पड़ती थी। इतनी परेशानियों के बाद भी एडम ने हिम्मत नहीं हारी और मेहनत करते गए। एडम ने जूस के दुकान पर काम करना शुरू किया। उन्होंने सोशल जस्टिस विभाग से अपनी पढ़ाई के लिए मदद मांगी, तो वहां से उन्हें एविएशन एकडेमी को ज्वॉइन करने की सलाह दी गई।

ऐसे पूरा किया अपना सपना
एडम का सपना कमर्शियल पायलट बनने का था, अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने प्राइवेट पायलट लाइसेंस का प्रशिक्षण लिया। साल 2017 में उन्हें जोहान्सबर्ग में लाइसेंस भी मिला। उन्होंने ये सोचा था की वो अपने घर वालों को अपने सपने के बारे में बताएंगे, परन्तु उससे पहले उनके माता-पिता को उनके ट्रांसजेंडर होने का पता चल गया और वो लोग एडम से अलग हो गए।

सरकार ने की एडम की मदद
एडम के इस परेशानी के वक़्त में केरल सरकार ने उन्हें मदद की। उन्हें राज्य सामाजिक न्याय डिपार्टमेंट की तरफ से 22.34 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली। इस पैसे की मदद से उन्होंने कमर्शियल पायलट का कोर्स पूरा किया। आपको बता दें कि जब वो एविएशन एकडेमी का फॉर्म भर रहे थे तब उन्हें अपने जेंडर को लेकर कुछ परेशनियों का सामना करना पड़ा, परन्तु उनके एक शिक्षक ने उनकी मदद की।