द फॉलोअप टीम, लखनऊ :
यह कहावत देश की राजनीति में आम है कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है। उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव (2022 assembly elections UP) होने वाले हैं। ऐसे में हर एक राजनीतिक दल साम, दाम, दंड और भेद के सूत्र अपनाने की राह पर है। भाजपा की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि कोराना काल में उपजी परेशानियों से नाराज वोटर उसके कहीं छिटक न जाएं। दूसरी ओर कांग्रेस, बसपा और सपा भी अपनी चुनावी गणित में लगे हुए हैं। प्रदेश में 19 से 20 फीसदी मुस्लिम आबादी है। इनमें ग्रामीण इलाकों में 16 फीसदी, तो शहरी क्षेत्र में 32 फीसदी वोटर्स हैं। इनका झुकाव अबतक सबसे अधिक सपा की ओर रहा है। लेकिन जब से प्रियंका गांधी ने प्रदेश की कमान संभाली है, उनकी नई रणनीति है कि अधिक से अधिक मुस्लिम वोट कांग्रेस को मिले। इसके तेहत योजना है कि ग्रामीण अंचल में जगह-जगह बने मदरसों को टारगेट किया जाए।
अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ को सौंपी गई जिम्मेदारी
कांग्रेस ने इस योजना के अमल के लिए अपने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ को यह जिम्मेकदारी सौंपी है। पिछले दिनों ही उर्दू शायर इमरान प्रतापगढ़ी को कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सक्रिय सोशल एक्टीविस्ट शहनवाज आलम पहले से प्रदेश अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का दायित्व संभाल रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी में मुस्लिमों की उपेक्षा के चलते 1990 के बाद से अल्पसंख्यक वोट छिटक कर कर सपा और बसपा की ओर जाने लगा। लेकिन इन पार्टियों में भी मुस्लिमों को तवज्जो नहीं मिली। इसके बाद उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस के पास कोई मजबूत नेतृत्व नहीं था। जिस कारण मुस्लिम वोटर भाजपा के विरोध में सपा और बसपा के साथ जाने को मजबूर रहे। जिसका फायदा दोनों पार्टियां उठाती रहीं, लेकिन अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस को प्रियंका गांधी के रुप में एक अच्छी अगुवाई मिली है।
दो लाख मदरसों की बनाई गई है लिस्ट
योजना को जमीन पर उतारने के लिए दो लाख मदरसों की लिस्ट बनाई गई है। यह मदरसे गांवों से लेकर शहर तक के मोहल्लों में चल रहे हैं। मुस्लिम वोटरों को पार्टी से जोड़ने के लिए मदरसों का सहारा लिया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता इन मदरसों में जाकर उलमाओं के साथ बैठक करेंगे। मदरसों के छात्र-छात्राओं को कांग्रेस की नीतियों और चुनावी एजेंडे की जानकारी देंगे। मदरसों के छात्र-छात्राओं की मदद से उनके घर तक पहुंचेंगे। कोरोनाकाल में जिन मुसलमानों को दिक्कतें हुई हैं उनकी मदद करेंगे।
'स्पीकअप माईनॉरिटी' कैंपन का आगाज
शहनवाज ने बताया कि मुस्लिम समाज को जोड़ने के लिए एक 'स्पीकअप माईनॉरिटी' कैंपन का आगाज हो चुका है। इसका माध्यम फेसबुक लाइव बना है। जिसमें बताया जा रहा है कि किस तरह सपा ने भाजपा को आगे बढ़ाने में उसकी मदद की है। उन्होंने बताया कि मुलायम सिंह यादव ने संसद में कहा था कि नरेंद्र मोदी को ही दोबारा प्रधानमंत्री बनना चाहिए। इससे साफ है कि सपा और भाजपा का बैक डोर से कोई न कोई समझौता जरूर हुआ है।
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम बहुल जिले
जिला मुस्लिम आबादी
मुरादाबाद 50.80 %
रामपुर 50.57%
बिजनौर 43.04%
सहारनपुर 41.95%
शामली 41.77%
मुजफ्फरनगर 41.10%
अमरोहा 40.78%
बलरामपुर 37.51%
बरेली 34.53%
मेरठ 34.43%
बहराइच 33.54%
सम्भल 32.88%
हापुड 32.39%
श्रावस्ती 30.79%
सिद्धार्थनगर 29.23%
बदायूं 23.26%
बाराबंकी 22.61%
गाजियाबाद 22.53%
लखनऊ 21.46%
खीरी 20.08%
अलीगढ़ 19.85%
उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 25 मुस्लिम विधायक
सपा 19
बसपा 04
कांग्रेस 02