द फॉलोअप टीम, लखनऊ:
उत्तर प्रदेश के देवरिया में पुलिस ने एक की नाबालिग को बाल-विवाह से बचा लिया। सीवान के मैरवा मंदिर में बच्ची की शादी हो रही थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 11 साल की दुल्हन और 15 साल के दूल्हे को हिरासत में लिया। नाबालिग दूल्हा सीवान के गुठनी थाना का है। माता-पिता झूठ बोलकर बच्चो को अपने साथ लेकर आये थे। चुपके से शादी कराने की तैयारी की थी। मौके पर SDM गुंजन द्विवेदी, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार, बाल सुरक्षा अधिकारी जयप्रकाश तिवारी के साथ पुलिस उपनिरीक्षक सौरभ सिंह पहुंचे। परिजनों को भी हिरासत में लिया गया है।
बच्चों को नहीं थी शादी की जानकारी
दोनों नाबालिगों से जब बाल संरक्षण अधिकारी ने पूछताछ की तो पता चला कि उनको शादी के बारे में नहीं पता था। दुल्हन ने बताया कि- 'उससे कहा गया था कि उसके मौसी की शादी है। वहीं दूल्हे ने बताया कि उसके परिजनों ने कहा था कि उसके चाचा की शादी के लिए लड़की देखने जाना है। जिला प्रोबेशन पदाधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर नाबालिग जोड़े की शादी को रुकवा दिया गया है। दोनों की शादी बहला-फुसलाकर की जा रही थी। बाल विवाह कानूनन अपराध है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
बाल विवाह से जुड़े आंकड़े क्या कहते हैं
बाल विवाह की दर में ज्यादातर राज्यों में कमी आई है लेकिन कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां अन्य राज्यों की तुलना में सुधार अपेक्षाकृत कम है। नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) के अनुसार, देश में बाल विवाद की औसत दर 11.9% है। हिमाचल प्रदेश और मणिपुर में आंकड़ों में कुछ वृद्धि जरूर दर्ज की गई है। एनएफएचएस 3 (2005-06) के आंकड़ों से एनएफएचएस-4 (2015-16) के आंकड़ों में उत्तर प्रदेश के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। उत्तर प्रदेश में 29 फीसदी से दर कम होकर सिर्फ 6.4 फीसदी ही रह गया है। पश्चिम बंगाल में भी सुधार हुआ है, लेकिन अपेक्षाकृत कम है। बंगाल में 34 फीसदी से यह दर कम होकर 25.6 फीसदी रह गई है।