द फॉलोअप टीम, दिल्ली:
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को तमिलनाडु में थे। उन्होंने यहां भारतीय जनता युवा मोर्चा के सम्मेलन में भाग लिया। तमिलनाडु के सलेम में जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं तमिल में बोलना चाहता हूं। तमिल बहुत सुंदर भाषा है। मैं माफी चाहता हूं कि मैं तमिल भाषा में ज्यादा नहीं बोल पा रहा हूं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां चीन के साथ सीमा विवाद, तमिल अस्मिता, अर्थव्यवस्था जैसे कई मुद्दों पर बात की। इस दौरान उनका जलीकट्टू वाला बयान सुर्खियां बटोर रहा है।
'चीन के साथ सुलझा लिया अधिकांश मसला'
चीन के साथ सीमा विवाद के मसले पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सैन्य और राजनीतिक स्तर की 9 दौर की वार्ता हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वार्ता के बाद विवाद का काफी हद तक हल निकाल लिया गया है लेकिन, ये कहते हुए कि हमने अपनी जमीन चीन को सौंप दी, कांग्रेस हमारी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। रक्षा मंत्री ने कहा कि, मैं आश्वस्त करता हूं, जब तक मैं जीवित हूं कोई भारत की एक इंच भी जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता। बता दें कि बीते साल मई महीने की शुरुआत से ही वास्तविक नियंत्रण रेखा के कई इलाकों में भारत और चीन के बीच विवाद है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ हमलावर हैं।
कोरोना महामारी के बाद तेज हुई इकोनॉमी
अर्थव्यवस्था के मसले पर बोलते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद भारत विकास की अगली कहानी लिखने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में दिन-प्रतिदिन विदेशी निवेश भी बढ़ रहा है, जिसकी वजह से ना केवल शेयर बाजार उछल रहा है बल्कि जल्लीकट्टू खेल रहा है। बता दें कि जल्लीकट्टू तमिलनाडु में खेला जाने वाला एक पारंपरिक खेल है जिसमें इंसान बैल को साथ लेकर दौड़ता है। भारत में अर्थव्यवस्था के विकास की बात रक्षा मंत्री ने तब कही है जब देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। कूकिंग गैस की कीमतों में भी काफी इजाफा हुआ है।
बीजेपी ने किया तमिल अस्मिता का सम्मान
केंद्रीय रक्षा मंत्री तमिलनाडु के सलेम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने यहां तमिलनाडु अस्मिता की भी बात की। उन्होंने कहा कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाया था, क्या वो तमिलनाडु का सम्मान नहीं था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, बीजेपी ये बात कैसे भूल सकती है कि तमिलनाडु की बेटी पुरुची थलाइवी जया अम्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार को पूरा समर्थन दिया था।
रक्षा मंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस ने साल 1974 में कच्छेवु द्वीप को श्रीलंका के हक में छोड़ दिया था तो इसका विरोध करने वालों में वाजपेयी ने सबसे ज्यादा निंदा की थी। उन्होंने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात की थी।