द फॉलोअप टीम
रांची-झारखंड की पहचान जल,जंगल जमीन से है। यह कुदरत की ही देन है कि झारखंड इतना हरा भरा है। पर ऐसा लगता है कि झारखंड की खूबसूरती पर किसी की बुरी नजर पड़ गई है। अक्सर इसकी खूबसूरती के साथ छेड़छाड़ की खबरें मिलती रहती है। अखबारों और टीवी चैनलों में माफिया द्वारा जानबूझकर जंगलों में आग लगाने की भी खबरें आती रहती है। ताकि वो बाद में उन पेड़ों को काटकर बेच सके। लेकिन अब उनके मंसूबों पर पानी फेरने का झारखंड की एक बेटी ने संकल्प ले लिया है। इसी संकल्प के कारण झारखंड की उस बेटी की चहुंओर प्रशंसा हो रही है। नाम है अर्चना मिश्रा। अर्चना को जब कभी भी ये सूचना मिलती है कि किसी जंगल में आग लगी है। वो फौरन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचती है और आग बुझा देती हैं। अर्चना ये जोखिम भरा काम पर्यावरण की रक्षा करने के लिए करती हैं।
आखिर कौन है अर्चना मिश्रा?
झारखंड की बेटी अर्चना मिश्रा रांची की रहने वाली है जो कि एक समाजसेवी है। अर्चना ने यह शपथ ली है कि वो अपने आखिरी वक्त तक ऐसे ही पर्यावरण की रक्षा करती रहेगी। अर्चना मिश्रा बताती है कि वह यह काम पिछले कई सालों से करती आ रही है और आगे भी करती रहेगी।अर्चना के मुताबिक जैसे ही उन्हें खबर मिलती है कि कहीं भी जंगल में आग लगी हैं तो वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर आग बुझा देती है। उन्हें इसकी प्रेरणा अपने दादाजी से मिली है। फिलहाल अर्चना रांची के आसपास जैसे नामकुम, टाटीसिलवे और अनगड़ा क्षेत्र के अलग-अलग जंगलों में आग बुझाने का काम करती हैं। लेकिन उनकी इच्छा है कि और भी जिले में वह अपने इस काम को करें।
कैसे मिलती है सूचना?
बातचीत के दौरान अर्चना मिश्रा ने बताया कि उन्हें माफिया द्वारा जंगलों में आग लगाने की सूचना खुद गांव वाले ही देते हैं। गांव वाले फोन करके बताते हैं कि दीदी माफिया द्वारा आग लगाई गई है। अर्चना के लगन को देखकर गांव वाले भी उनका साथ देते हैं और आगे भी और लोग सहयोग जरूर करेंगे, ऐसा अर्चना को विश्वास है। हालांकि अर्चना बताती हैं कि यह काम अकेले करना कठिन है, पर मैं अपनी तरफ से हमेशा इसको करने की कोशिश करूंगी। मैं अक्सर आग बुझाने जहां भी जाती हूं वहां के आसपास के लोगों को, ग्रामीणों को पेड़ बचाने और पेड़ लगाने की बात जरूर बताती हूं और इसका महत्व भी बताती हूं।