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रांची: जिंदगी और मौत के बीच झूलते 'अविनाश' को आपकी मदद चाहिए, परिवार को बिखरने से बचाइये

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द फॉलोअप टीम, रांची: 

रांची के अविनाश को आप सबके मदद की जरूरत है। अविनाश अपने घर में कमाने वाले एकमात्र शख्स हैं। उन पर उनकी पत्नी और दो बच्चों सहित पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। अविनाश रांची के ऑर्किड हॉस्पिटल में बीते तकरीबन 20 दिन से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। 10 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाए गए अविनाश के फेफड़ों में काफी ज्यादा संक्रमण हो गया है। चिकित्सकों का कहना है कि अविनाश की किडनियों में भी दिक्कत है। अभी न्यूनतम 20 दिन और इलाज चलेगा। 

द फॉलोअप से बातचीत में बताई समस्या
अविनाश के छोटे भाई प्रणय से द फॉलोअप ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई की स्थिति काफी गंभीर है। वे कोरोना निगेटिव हो चुके हैं। उनको अस्पताल में नॉन कोविड वार्ड में शिफ्ट किया जा चुका है लेकिन उनका ऑक्सीजन सेच्युरेशन लेवल काफी कम है। वे ऑक्सीजन नहीं ले पा रहे हैं। उनका फेफड़ा काफी संक्रमित हो चुका है। चिकित्सकों का कहना है कि किडनियों में भी दिक्कत है। बकौल प्रणय डॉक्टरों का कहना है कि वे अपना बेस्ट दे रहे हैं। प्रणय का कहना है कि अभी तक परिवार अविनाश के इलाज में 20 लाख रुपया खर्च कर चुका है। अब भी रोजाना 40 हजार रूपये तक का खर्च आता है। अभी और 15 से 20 दिन तक उनका इलाज चलेगा। ऐसे में अब भी इलाज के लिए लाखों का खर्च आएगा जिसका इंतजाम करना परिवार के लिए मुश्किल है। 

परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है
प्रणय ने बताया कि उनके भाई अविनाश टाटा मोटर्स में सेल्स एग्जीक्यूटिव की नौकरी करते हैं। उनकी आय काफी कम है। परिवार भी आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं है। अब तक का इलाज ही बमुश्किल हो पाया है। अविनाश खुद रातू में किराये के मकान में रहते हैं। प्रणय ने बताया कि अविनाश की बीमारी के बाद पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। उनका कहना है कि अब परिवार की हालत ऐसी नहीं है कि आगे इलाज जारी रखा जा सके। उन्होंने बताया कि बिना किसी आर्थिक मदद के अविनाश का इलाज जारी रखना काफी मुश्किल होगा। प्रणय ने बताया कि अविनाश के आगे इलाज के लिए काफी पैसों की जरूरत है। परिवार के पास पैसे खत्म हो चुके हैं। पूरी गाढ़ी कमाई हॉस्पिटल में जा चुकी है। उन्हें मदद की सख्त जरूरत है। 

जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से मदद की अपील
प्रणय ने आम लोगों सहित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि एक जिंदगी बचाने का सवाल है। यदि आम जनों और जनप्रतिनिधियों का साथ मिल जाये तो अविनाश की जिंदगी बचाई जा सकती है। 2 मासूम बच्चों को अनाथ होने से बचाया जा सकता है। पूरे परिवार को बिखरने से बचाया जा सकता है। प्रणय ने बताया कि उन्होंने खिजरिया विधायक राजेश कच्छप को एक आवेदन भी दिया है ताकि कुछ सहायता मिल सके। उनकी अपील है कि यदि स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री मामले में संज्ञान लें तो उनके भाई का बेहतर इलाज किया जा सकेगा। उन्होंने लोगों से आर्थिक सहायता की अपील की है। 

10 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाये गये थे अविनाश
प्रणय ने बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह से ही उनके बड़े भाई की तबीयत खराब थी। उनकी कोरोना जांच करवाई गई। आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन तबीयत में कोई सुधार नहीं आया। उनको पहले सेवा सदन और आखिरकार 16 अप्रैल को ऑर्किड हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। यहां शुरुआत मे रोजाना के इलाज का खर्चा 65 हजार रुपये आ रहा था। 20 दिन के इलाज के बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन वायरस ने उनके फेफड़े को काफी नुकसान पहुंचाया है। उनकी किडनियां भी सही कंडीशन में काम नहीं कर रही। अभी इलाज जारी रहेगा लेकन इसके लिए परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। परिवार ने आर्थिक सहायता की अपील की है। 

आप इस बैंक अकाउंट डिटेल पर जाकर अविनाश की जिंदगी बचाने में अपना योगदान दे सकते हैं। ये बैंक अकाउंट डिटेल अविनाश की पत्नी बेबी कुमारी का है। आपका छोटा सा योगदान एक परिवार को बिखरने से बचा सकता है। 2 मासूम बच्चों को अनाथ होने से बचा सकता है। 

नाम- बेबी कुमारी
खाता संख्या- 1523104000061782
आइएफएससी कोड- IBKL0001523
आइडीबीआइ बैंक, श्रीराम मार्केट