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2018 में निकाला नौकरी का विज्ञापन, 2000 फीस लेकर नगर विकास विभाग ने अभी तक नहीं ली परीक्षा

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विवेक आर्यन, रांची: 
नगर विकास एवं आवास विभाग (Urban development and housing department Jharkhand) ने 2018 में सिविल, इलेक्ट्रिकल और मेकेनिकल जूनियर इंजीनियर की नियुक्ति (Job) के लिए दो विज्ञापन निकाले थे। इसमें सिविल के लिए 93, इलेक्ट्रिकल के लिए 23 और मेकेनिकल के 25 पदों पर नियुक्ति होनी थी। विज्ञापन संख्या 11 और 272 के तहत राज्य भर के युवाओं से आवेदन मांगा गया था। यह नियुक्ति 3 वर्ष के लिए संविदा (Contract) के आधार पर होनी थी। इसके लिए झारखंड के लगभग 5 हजार युवाओं ने फॉर्म भरा। लेकिन 3 साल 6 महीने बीत जाने के बादजूद अभी तक परीक्षा नहीं ली जा सकी है। इस फॉर्म के लिए सभी आवेदकों ने 2000 रुपये आवेदन शुल्क के रूप में दिये थे। परीक्षा नहीं होने की स्थिति में अब राज्य के युवा परेशान हैं और बार बार विभाग में फोन कर पूछ रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिल रहा है। 



रिफंडेबल (refundable) नहीं है आवेदल शुल्क 
परीक्षा नहीं होने की स्थिति में राज्य के युवा विभाग से पैसे वापस करने की मांग कर रहे हैं। कई लोगों ने द फॉलोअप को भी फोन कर जानकारी देते हुए बताया कि वे अपना पैसा वापस चाहते हैं। तीन साल के लंबे इंतजार के बाद कई लोगों ने दूसरी नौकरी कर ली, ऐसे में यदि परीक्षा होती भी है, तब भी वे परीक्षा नहीं देना चाहेंगे। इसलिए वे पैसे वापस करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन जब हमने विज्ञापन को गौर से देखा, तो उनसे पेमेंट की प्रक्रिया के नीचे साफ साफ लिखा है “Application Fee is non-refundable in any circumstance”. यानी किसी भी सूरत में आवेदन शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। 



 
किसी परीक्षा एजेंसी द्वारा ली जानी है परीक्षा 
हमने नगर विकास विभाग में फोन कर किसी अधिकारी से बात करने की कोशिश की। वेबसाइट पर दिये सचिव विनय कुमार चौबे के नंबर पर फोन किया, लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। लेकिन सूत्र के हवाले से पता चला कि दरअसल विभाग पहले खुद ही परीक्षा लेने की तैयारी में था, लेकिन आवेदन इतने ज्यादा आ गए कि अब परीक्षा लेना किसी परीक्षा एजेंसी द्वारा ही संभव है। विभाग को इतने आवेदन की उम्मीद नहीं थी। इससे राज्य में बेरोजगारी की स्थिति का भी पता चलता है। अब विभाग किसी एजेंसी की तलाश में है, जो परीक्षा ले और फिर नियुक्ति हो। हालांकि इसके लिए भी 3 साल 6 महीने का समय बहुत ज्यादा है। 



नियुक्ति वर्ष का सपना ढाक के तीन पात! 
वर्ष 2021 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नियुक्ति वर्ष घोसित किया था। जिस विभाग से संबंधित यह मामला है, वह भी मुख्यमंत्री के पास ही है। किसी अन्य विभागों में भी अभी तक नौकरियों को लेकर कोई सुगबुगाहट देखने को नहीं मिल रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने जो नियुक्ति वर्ष का जो सपना राज्य के युवाओं को दिखाया था, वह ढाक के तीन पात की तरह ही नजर आते हैं।