पटना
उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों (28 जनवरी 2024 - 08 फरवरी 2025) में मधुबनी की बेटी खुशबू कुमारी ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भवानीपुर लक्ष्मीपुर पंडौल प्रखंड की निवासी खुशबू ने अपने साथियों पायल प्रीति और निखत के साथ मिलकर विमेन ट्रिपल्स लॉन बाउल्स स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया और पश्चिम बंगाल को 16-14 से हराकर बिहार को स्वर्ण पदक दिलाया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि बिहार को 25 वर्षों बाद राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक मिला है।
संघर्ष से सफलता तक की कहानी
खुशबू कुमारी का सफर आसान नहीं था। एक किसान पिता और आशा कार्यकर्ता मां की बेटी, खुशबू ने संघर्षों के बीच अपनी पहचान बनाई। शुरुआती पढ़ाई केजीबीभी पंडौल से करने के बाद उन्होंने जेएमडीपीएल महिला कॉलेज से विज्ञान संकाय में स्नातक पूरा किया। खेल के प्रति उनका जुनून बचपन से ही दिखने लगा था। नौ साल पहले उन्होंने लॉन बाउल्स खेलना शुरू किया और अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।
हर प्रतियोगिता में रहीं अव्वल
खुशबू सिर्फ लॉन बाउल्स में ही नहीं, बल्कि अन्य खेलों में भी निपुण रही हैं। कराटे में भी उन्होंने कई पदक जीते हैं। कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन अवंतिका रानी बताती हैं कि खुशबू हमेशा एक मेहनती और दृढ़ निश्चयी खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने बताया, "वह जो ठान लेती है, उसे पूरा करके ही दम लेती है।" यही जज़्बा आज उनकी सफलता की कहानी लिख रहा है। इससे पहले भी खुशबू ने राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का नाम रोशन किया है। 2023 में दिल्ली में हुई लॉन बाउल्स राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। वहीं, 2020 के खेलो इंडिया यूथ गेम्स में विमेन पेयर्स स्पर्धा में उन्होंने बिहार के लिए स्वर्ण पदक जीता था।
बिहार के खेल इतिहास में नया अध्याय
खुशबू की यह जीत सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार के खेल इतिहास में नए युग की शुरुआत है। उनकी सफलता उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। खुशबू की इस स्वर्णिम सफलता पर पूरे जिले में खुशी की लहर है। बिहार की यह बेटी आज पूरे राज्य के लिए गर्व का प्रतीक बन चुकी है।