डेस्क:
टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर (Roger Federer) में शुक्रवार को कोर्ट को अलविदा कह दिया। 24 साल के लंबे करियर के बाद रोजर ने टेनिस से संन्यास ले लिया। फेडरर ने अपने करियर में 20 बार ग्रैंड स्लेम चैंपियन बने (20 times Grand Slam Champion )। वहीं अपने विदाई के वक्त फेडरर भावुक हो गए और रोते दिखाई दिए। रोते हुए फेडरर बोले- 'मैं दुखी नहीं...खुश हूं।' मैच में उनके साथी रहे राफेल नडाल (Rafael Nadal) भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।

नडाल समेत बाकी प्लेयर्स भी हुए भावुक
रोजर फेडरर ने शुक्रवार यानि 23 सितंबर की रात अपना आखिरी टूर्नामेंट लेवर कप में अपना आखिरी मुकाबला खेला। हालांकि, वे हार गए। मेंस डबल्स के मैच में उनके जोड़ीदार स्पेन के टेनिस स्टार राफेल नडाल रहे। अमेरिका के फ्रांसेस टियाफो और जैक सॉक के साथ हुए मुकाबले में उन्हें 4-6, 7-6 (2), 11-9 से हार का सामना करना पड़ा। आखिरी मुकाबला हारने के बाद वे कोर्ट में भावुक हो गए और रोते हुए बोले- 'मैं दुखी नहीं...खुश हूं।' लेकिन, उनकी आंखों से आंसू झलक रहे थे। फेडरर ने टेनिस कोर्ट के बीच में खड़े में होकर अपने दोनों हाथ ऊपर उठाए और फैंस का अभिवादन किया। इसके बाद वह सर्बिया के स्टार नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल से गले मिले और टेनिस को अलविदा कहा। इस दौरान राफेल नडाल समेत बाकी प्लेयर्स भी भावुक नजर आए।

8 अगस्त 1981 को हुआ जन्म
बसेल शहर में 8 अगस्त 1981 को जन्मे रोजर 1992-93 में अपने शहर में आयोजित स्विस इंडोर टूर्नामेंट में बॉल उठाते (बॉल ब्वॉय) थे। 1996 में उन्होंने जूनियर लेवल पर अपना पहला टूर्नामेंट खेला। तब वे 14 साल के थे। 2 साल बाद 16 साल के फेडरर ने अपने पिता से पढ़ाई छोड़ने की बात कही, क्योंकि वे पढ़ाई के कारण अपने खेल पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे। इस पर उनके पिता रॉबर्ट फेडरर ने उन्हें 2 साल की मोहलत देते हुए कहा था कि सफल नहीं हुए तो टेनिस छोड़कर स्कूल जाना पड़ेगा। फेडरर ने साल 1998 में जूनियर खिलाड़ी के तौर पर विंबलडन खेलना शुरू कर दिया था। इसी साल वे US ओपन की जूनियर कैटेगरी के फाइनल में भी पहुंचे थे।