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टीम इंडिया ने लगभग जीता हुआ एजबेस्टन टेस्ट इंग्लैंड के हाथों गंवा दिया। खेल विशेषज्ञकह रहे हैं कि भारतीय क्रिकेटर देश से ज्यादा फ्रेचाइजी क्रिकेट खेलने को प्राथमिकता देते हैं। इस बाबत जब बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गंगुली से सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया। सौरव गांगुली ने कहा कि मैं इस बात को लेकर बिलकुल आश्वस्त हूं कि हिंदुस्तान में ऐसा बिलकुल नहीं होता। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी बात होती है।

सौरव गांगुली ने आरोपों को नकार दिया
सौरव गांगुली ने कहा कि हर क्रिकेटर जब खेलना शुरू करता है तो उसका सपना होता है कि वो देश के लिए खेले। यदि कोई खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करता है तो मुझे नहीं लगता है कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट को ज्यादा तवज्जो देगा। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी आईपीएल या फ्रेंचाइजी लीग क्रिकेट को ज्यादा प्राथमिकता नहीं देता। भारतीय खिलाड़ी देश के लिए खेलना पसंद करते हैं।
हालांकि, सौरव गांगुली ने स्वीकार किया कि इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसे देशों में टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी जाती है। गौरतलब है कि सौरव गांगुली टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रह चुके हैं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने विदेशों में जीतना सीखा। कामयाबी हासिल की।
बीते कुछ समय से गिरा है टीम का प्रदर्शन
सौरव गांगुली से ये सवाल पूछा गया क्योंकि बीते कुछ समय से भारतीय टीम के प्रदर्शन में गिरावट आई है। टीम इंडिया ने 2013 के बाद से कोई आईसीसी टॉफी नहीं जीती। कप्तानी को लेकर विवाद हुआ। पिछला टी20 विश्व कप टीम इंडिया बुरी तरह से हारी। हालिया दक्षिण अफ्रीका सीरीज में सीनियर खिलाड़ी नहीं खेले। विंडीज दौरे में रोहित, कोहली, बुमराह, शमी और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। जबकि इन्होंने अभी आराम के बाद इंग्लैंड के खिलाफ केवल 1 टेस्ट मैच खेला है।