नई व्यवस्था के तहत अब परीक्षाओं में 50 प्रतिशत प्रश्न क्रिटिकल थिंकिंग यानी आलोचनात्मक चिंतन पर आधारित होंगे, जबकि शेष 50 प्रतिशत प्रश्न कॉन्सेप्ट बेस्ड यानी अवधारणात्मक ज्ञान पर केंद्रित होंगे।