झारखंड में कुड़मी समाज ने खुद को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर आज, 20 सितंबर से रेल रोको आंदोलन की शुरुआत कर दी है। राज्य के कई जिलों में सुबह से संख्या में आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर उतर आए, जिससे रेल परिच
झारखंड में चुनाव की तिथि की घोषणा के बाद जहां एक तरफ सभी राजनितिक पार्टियां चुनावी रणनीति बनाने में जुट गई थीं और आजसू पार्टी भी अपने वोटर्स को साधने में लग गई थी, वहीं दूसरी तरफ, ठीक इसी समय कुरमी समाज के बीच के एक पत्र तेजी से वायरल हो रहा था।
आज सदन के पांचवे दिन आजसू विधायक लंबोदर महतो ने कुरमी/कुड़मी को ST में शामिल करने सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन के बाहर धरना दिया।
कुड़मी समाज 20 सितंबर को तीन राज्य में एक साथ रेल रोको आंदोलन करेगा। कुड़मी समाज के नेता अजीत प्रसाद महतो ने कहा कि इस बार का आंदोलन तीन राज्य में एक साथ होगा।
कुड़मियों का आंदोलन पांचवे दिन समाप्त हो गया है। झारखंड-बंगाल सीमा पर पांच दिन से चल रहा कुड़मी आंदोलन रविवार को खत्म किया गया। आद्रा डिवीजन के कस्तूरा में आंदोलनकारी ट्रैक से करीब 1 बजे हटे और रात 8 बजे खड़गपुर के पास खेमाशुली में आंदोलनकारियों ने जाम हटाय
कुड़मियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। अनिश्चितकालीन रोड-रेल चक्का जाम आज चौथे दिन भी जारी है। हावड़ा-मुंबई और हावड़ा-नई दिल्ली मार्ग पूरी तरह से प्रभावित है।