द फॉलोअप डेस्क
ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग का असर अब बिहार के एक परिवार पर भी दिखने लगा है। बेगसूराय के बड़ी बलिया गांव निवासी सैयद सैफुल्लाह, जो पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर है, ईरान में फंसे हुए हैं। परिवार वालों का कहना है कि 17 जून के बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे परिजन बेहद चिंतित हैं।
परिजनों के मुताबिक, सैफुल्लाह करीब 2 महीने पहले सऊदी अरब गए थे, वहां कुछ दिनों काम करने के बाद 12 जून को काम के सिलसिले में ईरान चले गए। शुरुआत में उनसे घरवालों की बात होती रही, लेकिन 18 जून से उनका फोन बंद है। छोटे भाई मो. अशदउल्ला आजाद ने बताया कि आखिरी बार भाई ने कहा था कि वह सुरक्षित स्थान पर हैं और हमले से दूर हैं। इसके बाद उन्होंने रोमिंग रिचार्च कराने की बात भी कही थी ताकि वो कॉल कर सकें। लेकिन अब व्हाट्सएप पर आखिरी सीन 18 जून रात 1:51 बजे दिखा रहा है और फिर कोई संपर्क नहीं हो पाया।
परिवार के अनुसार सैफुल्लाह की पत्नी से भी मंगलवार को आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद से वो भी संपर्क में नहीं हैं। उनकी शादी एक साल पहले सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में हुई थी। परिवार ने 20 जून को बेगसूराय के जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सैफुल्लाह को सकुशल भारत वापस लाया जाए। परिजन का कहना है कि जब 2 देशों के बीच युद्ध होता है तो एक आम आदमी की जान की कीमत कोई नहीं समझता। ऐसे में प्रशासन को तुरंत पहल करनी चाहिए। इस बीच भारत सरकार ने ईरान-इजराइल जंग के चलते ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 517 भारतीयों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है।
