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खुद को IAS बताकर DM पर झाड़ रहा था रौब, 20 मिनट की बातचीत में खुली पोल, अब पहुंचा जेल

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द फॉलोअप डेस्क
बिहार के छपरा समाहरणालय में सोमवार को एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाले एक जालसाज युवक को गिरफ्तार किया गया है। रितेश कुमार पंडित नामक यह युवक बेहद आत्मविश्वास के साथ जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के कार्यालय पहुंचा और खुद को 2022 बैच का अधिकारी बताकर मेरठ में तैनात होने का दावा किया। उसके 'टिप-टॉप' अंदाज और रौबदार व्यवहार से प्रभावित होकर कर्मचारी भी उसे सीधे डीएम के चैंबर तक ले गए।
जिलाधिकारी और युवक के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें उसने खुद को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर का नगर आयुक्त बताया। हालांकि, बातचीत के दौरान युवक की भाषा शैली और प्रशासनिक जानकारी में कमी देखकर डीएम को संदेह हुआ। जब जिलाधिकारी ने उससे आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) या सेवा संबंधी दस्तावेज मांगे, तो वह घबरा गया और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। कड़ी पूछताछ करने पर युवक ने कबूल कर लिया कि वह कोई अधिकारी नहीं, बल्कि यूपीएससी का एक छात्र है।
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी रितेश कुमार पंडित छपरा के बसाढ़ी गांव का रहने वाला है और दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। वह केवल वर्तमान जिलाधिकारी ही नहीं, बल्कि इससे पहले एसएसपी विनीत कुमार और पूर्व के कई बड़े अधिकारियों से भी फर्जी पहचान बताकर मिल चुका था। युवक ने बताया कि वह अधिकारियों पर रौब जमाने, सरकारी दफ्तरों से काम निकलवाने और ग्रामीणों से ठगी करने के लिए आईएएस की फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था।
सदर एएसपी रामपुकार सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ टाउन थाने में धोखाधड़ी और सरकारी अधिकारी बनकर गुमराह करने की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एएसपी के अनुसार, यह युवक पहले भी कई बार समाहरणालय आ चुका था, लेकिन इस बार जिलाधिकारी की सजगता से उसकी पोल खुल गई। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसने अपनी इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर कितने लोगों से वित्तीय ठगी की है।

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